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कवि 'नयन न तिरपित भेल' के माध्यम से विरहिणी नायिका की किस मनोदशा को व्यक्त करना चाहता है?
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'सेह फिरत अनुराग बखानिअ तिल-तिल नूतन होए' से लेखक का क्या आशय है?
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नायिका के प्राण तृप्त न हो पाने के कारण अपने शब्दों में लिखिए।
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कोयल और भौरों के कलरव का नायिका पर क्या प्रभाव पड़ता है?
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कातर दृष्टि से चारों तरफ़ प्रियतम को ढूँढ़ने की मनोदशा को कवि ने किन शब्दों में व्यक्त किया है?
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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
एकसरि भवन पिआ बिनु रे मोहि रहलो न जाए।
सखि अनकर दुख दारुन रे जग के पतिआए।
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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
जनम अवधि हम रूप निहारल नयन न तिरपित भेल।।
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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
कुसुमित कानन हेरि कमलमुखि, मूदि रहए दु नयान।
कोकिल-कलरव, मधुकर-धुनि सुनि, कर देइ झाँपइ कान।।
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देवी सरस्वती की उदारता का गुणगान क्यों नहीं किया जा सकता?
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चारमुख, पाँचमुख और षटमुख किन्हें कहा गया है और उनका देवी सरस्वती से क्या संबंध है?
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कविता में पंचवटी के किन गुणों का उल्लेख किया गया है?
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तीसरे छंद में संकेतित कथाएँ अपने शब्दों में लिखिए?
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निम्नलिखित पंक्ति का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
पति बर्नै चारमुख पूत बर्नै पंच मुख नाती बर्नै षटमुख तदपि नई-नई।
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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए।
भावी भूत बर्तमान जगत बखानत है 'केसोदास' क्यों हू ना बखानी काहू पै गई।
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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए।
अघओघ की बेरी कटी बिकटी निकटी प्रकटी गुरूजान-गटी।
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कवि ने 'चाहत चलन ये संदेसो ले सुजान को' क्यों कहा है?
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कवि मौन होकर प्रेमिका के कौन से प्रण पालन को देखना चाहता है?
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कवि ने किस प्रकार की पुकार से 'कान खोलि है' की बात कही है?
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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
बहुत दिनान को अवधि आसपास परे/खरे अरबरनि भरे हैं उठि जान को
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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
मौन हू सौं देखिहौं कितेक पन पालिहौ जू/कूकभरी मूकता बुलाय आप बोलिहै।
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