Advertisements
Advertisements
Question
कविता में पंचवटी के किन गुणों का उल्लेख किया गया है?
Advertisements
Solution
कविता में पंचवटी के निम्नलिखित गुणों का उल्लेख किया गया है-
- पंचवटी में आकर दुखी लोगों के संताप्त (दुख) हर जाते हैं तथा उन्हें सुख का अनुभव होता है।
- दुष्ट लोग यहाँ एक क्षण भी नहीं रुक पाते हैं।
- पंचवटी इतना सुंदर है कि यहाँ का वातावरण लोगों को सुख देता है।
- पंचवटी पवित्र स्थलों में से एक माना जाता है। यहाँ पर आकर हर तरह का पाप कट जाता है।
RELATED QUESTIONS
देवी सरस्वती की उदारता का गुणगान क्यों नहीं किया जा सकता?
चारमुख, पाँचमुख और षटमुख किन्हें कहा गया है और उनका देवी सरस्वती से क्या संबंध है?
तीसरे छंद में संकेतित कथाएँ अपने शब्दों में लिखिए?
निम्नलिखित पंक्ति का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
पति बर्नै चारमुख पूत बर्नै पंच मुख नाती बर्नै षटमुख तदपि नई-नई।
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए।
भावी भूत बर्तमान जगत बखानत है 'केसोदास' क्यों हू ना बखानी काहू पै गई।
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए।
अघओघ की बेरी कटी बिकटी निकटी प्रकटी गुरूजान-गटी।
निम्नलिखित पंक्ति का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
चहुँ ओरनि नाचति मुक्तिनटी गुन धूरजटी वन पंचवटी।
निम्नलिखित पंक्ति का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
सिंधु तर यो उनको बनरा तुम पै धनुरेख गई न तरी।
निम्नलिखित पंक्तिय का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
तेलन तूलनि पूँछि जरी न जरी, जरी लंक जराई-जरी।
