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Question
निम्नलिखित पंक्ति का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
चहुँ ओरनि नाचति मुक्तिनटी गुन धूरजटी वन पंचवटी।
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Solution
प्रस्तुत पंक्तियों में पंचवटी स्थान की सुंदरता का वर्णन किया गया है। कवि ने लोक सीमा से परे जाकर इसकी सुंदरता का वर्णन किया है। उसने पंचवटी की शोभा की तुलना शिव के समान की है। ब्रज का बहुत ही सुंदर प्रयोग किया है। भाषा में गेयता का गुण विद्यमान है। 'टी' शब्द का प्रयोग काव्यांश में बहुत सुंदर चमत्कार उत्पन्न कर रहा है। 'मुक्ति नटी' रूपक अलंकार का बड़ा अच्छा उदाहरण है। 'जटी' शब्द का दो बार प्रयोग हुआ है परन्तु दोनों बार इसके अलग अर्थ भिन्न हैं। अतः यह यमक का उदाहरण है।
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