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Question
निम्नलिखित पंक्ति का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
सिंधु तर यो उनको बनरा तुम पै धनुरेख गई न तरी।
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Solution
प्रस्तुत पंक्तियों में मंदोदरी रावण को आइना दिखाते हुए व्यंग्य कसती है। उसके अनुसार जिस राम के अनुचर बंदर ने विशाल सागर को पार कर दिया और जिसके भाई की खींची लक्ष्मण रेखा तुम पार नहीं कर सकते हो, वह सही मैं कितने शक्तिशाली होंगे। ब्रज का बहुत सुंदर ढंग से प्रयोग किया गया है। व्यंजना शब्द का कवि ने सटीक प्रयोग किया है। गेयता का गुण विद्यमान है।
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निम्नलिखित पंक्ति का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
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निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए।
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निम्नलिखित पंक्ति का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
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तेलन तूलनि पूँछि जरी न जरी, जरी लंक जराई-जरी।
