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English Medium Class 10 - CBSE Question Bank Solutions

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लेखक ने स्त्री-शिक्षा विरोधियों पर व्यंग्य करते हुए कहा है, इस तर्कशास्त्रज्ञता और न्यायशीलता की बलिहारी! इस तर्कशास्त्रज्ञता और न्यायशीलता को स्पष्ट कीजिए।

[1.15] महावीरप्रसाद द्विवेदी : स्त्री-शिक्षा के विरोधी और कुतर्कों का खंडन
Chapter: [1.15] महावीरप्रसाद द्विवेदी : स्त्री-शिक्षा के विरोधी और कुतर्कों का खंडन
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प्राचीन भारत की किन्हीं दो विदुषी स्त्रियों का नामोल्लेख करते हुए यह भी बताइए कि उस समय स्त्रियों को कौन कौन-सी कलाएँ सीखने की अनुमति थी?

[1.15] महावीरप्रसाद द्विवेदी : स्त्री-शिक्षा के विरोधी और कुतर्कों का खंडन
Chapter: [1.15] महावीरप्रसाद द्विवेदी : स्त्री-शिक्षा के विरोधी और कुतर्कों का खंडन
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स्त्री-शिक्षा विरोधी स्त्रियों के लिए पढ़ना कालकूट क्यों समझते थे?

[1.15] महावीरप्रसाद द्विवेदी : स्त्री-शिक्षा के विरोधी और कुतर्कों का खंडन
Chapter: [1.15] महावीरप्रसाद द्विवेदी : स्त्री-शिक्षा के विरोधी और कुतर्कों का खंडन
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महावीर प्रसाद विवेदी ने स्त्री-शिक्षा विरोधियों को किस संदर्भ में दशमस्कंध का तिरपनवाँ अध्याय पढ़ने का आग्रह किया है?

[1.15] महावीरप्रसाद द्विवेदी : स्त्री-शिक्षा के विरोधी और कुतर्कों का खंडन
Chapter: [1.15] महावीरप्रसाद द्विवेदी : स्त्री-शिक्षा के विरोधी और कुतर्कों का खंडन
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लेखक ने स्त्री-शिक्षा के समर्थन में किस पौराणिक ग्रंथ का उल्लेख किया है? उसका कथ्य संक्षेप में स्पष्ट कीजिए।

[1.15] महावीरप्रसाद द्विवेदी : स्त्री-शिक्षा के विरोधी और कुतर्कों का खंडन
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शिक्षा की व्यापकता के संदर्भ में लेखक का दृष्टिकोण स्पष्ट कीजिए।

[1.15] महावीरप्रसाद द्विवेदी : स्त्री-शिक्षा के विरोधी और कुतर्कों का खंडन
Chapter: [1.15] महावीरप्रसाद द्विवेदी : स्त्री-शिक्षा के विरोधी और कुतर्कों का खंडन
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‘स्त्री-शिक्षा के विरोधी कुतर्को का खंडन’ पाठ का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।

[1.15] महावीरप्रसाद द्विवेदी : स्त्री-शिक्षा के विरोधी और कुतर्कों का खंडन
Chapter: [1.15] महावीरप्रसाद द्विवेदी : स्त्री-शिक्षा के विरोधी और कुतर्कों का खंडन
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‘माता का अंचल’ पाठ में वर्णित बचपन और आज के बचपन में क्या अंतर है? क्या इस अंतर का प्रभाव दोनों बचपनों के जीवन मूल्यों पर पड़ा है? तर्क सहित स्पष्ट कीजिए।

[1] माता का आँचल
Chapter: [1] माता का आँचल
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‘जॉर्ज पंचम की नाक’ पाठ में निहित व्यंग्य को स्पष्ट करते हुए बताइए कि मानसिक पराधीनता से मुक्ति पाना क्यों आवश्यक है?

[2.2] जॉर्ज पंचम की नाक
Chapter: [2.2] जॉर्ज पंचम की नाक
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नदी, फूलों, वादियों और झरनों के स्वर्गिक सौंदर्य के बीच किन दृश्यों ने लेखिका के हृदय को झकझोर दिया? ‘साना-साना हाथ जोड़ि’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।

[2] साना-साना हाथ जोड़ि...
Chapter: [2] साना-साना हाथ जोड़ि...
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"वहीं सुख, शांति और सुकून है, जहाँ अखंडित संपूर्णता है। पेड़, पौधे, पशु और आदमी सब अपनी-अपनी लय, ताल और गति में हैं। हमारी पीढ़ी ने प्रकृति की इस लय, ताल और गति से खिलवाड़ कर अक्षम्य अपराध किया है।" 'साना-साना हाथ जोड़ि' पाठ के आधार पर बताइए कि इस अक्षम्य अपराध का प्रायश्चित मनुष्य किस प्रकार कर सकता है?

[2] साना-साना हाथ जोड़ि...
Chapter: [2] साना-साना हाथ जोड़ि...
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रचनाकार की भीतरी विवशता ही उसे लेखन के लिए मजबूर करती है और लिखकर ही रचनाकार उससे मुक्त हो पाता है। 'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के आधार पर हिरोशिमा घटना से जोड़ते हुए इस कथन की पुष्टि कीजिए।

[3] मैं क्‍यों लिखता हूँ?
Chapter: [3] मैं क्‍यों लिखता हूँ?
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'माता का अँचल' पाठ में भोलानाथ का अपने माता-पिता से बहुत लगाव है। बचपन में हर बच्चा एक पल के लिए भी माता-पिता का साथ नहीं छोड़ना चाहता है, किंतु माता-पिता के बूढ़े हो जाने पर इनमें से ही कुछ उन्हें साथ न रखकर वृद्धाश्रम में पहुँचा देते हैं। ऐसे लोगों को आप किन शब्दों में समझाएँगे? विचार करके लिखिए।

[1] माता का आँचल
Chapter: [1] माता का आँचल
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पिता द्वारा भोलानाथ को खाना खिलाने के बाद भी उसकी माँ उसे खाना खिलाती थी, क्यों? ‘माता का अँचल’ पाठ के आधार पर लिखिए।

[1] माता का आँचल
Chapter: [1] माता का आँचल
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“हम सभी नदियों और पर्वतों के ऋणी है”- कैसे? ‘साना-साना हाथ जोड़ि’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

[2] साना-साना हाथ जोड़ि...
Chapter: [2] साना-साना हाथ जोड़ि...
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‘जॉर्ज पंचम की नाक’ पाठ के आधार पर बताइए कि रानी एलिजाबेथ द्वितीय के भारत आगमन से पूर्व अधिकारियों को क्या चिंता हुई। देश की नाक बचाने के लिए कौन-सी जी-तोड़ कोशिशें की गईं?

[2.2] जॉर्ज पंचम की नाक
Chapter: [2.2] जॉर्ज पंचम की नाक
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वात्सल्य और ममता की आधार-भूमि एक रहने पर भी माता-पिता और बच्चों के संबंधों में तब से अब तक बहुत बदलाव हुए हैं। ‘माता का अँचल’ पाठ के आधार पर इसे सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।

[1] माता का आँचल
Chapter: [1] माता का आँचल
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‘साना-साना हाथ जोड़ि’ पाठ के आधार पर बताइए कि पहाड़ के सौंदर्य पर मंत्रमुग्ध लेखिका पहाड़ों पर किस दृश्य को देख क्षुब्ध और परेशान हो उठती हैं? क्या आपने भ्रमण या पर्यटन के दौरान ऐसे दृश्य देखे हैं? ऐसे दृश्यों और अपने मन पर पढ़े उनके प्रभाव को अपने शब्दों में लिखिए।

[2] साना-साना हाथ जोड़ि...
Chapter: [2] साना-साना हाथ जोड़ि...
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‘जॉर्ज पंचम की नाक’ पाठ के आधार पर बताइए कि रानी के आगमन पर राजधानी में क्या-क्या तैयारियाँ हो रही थी? इस तैयारी और बदलाव के पीछे भारतीय प्रशासन की कौन-सी मानसिकता थी? इसे देख आपको क्या अनुभव होता है?

[2.2] जॉर्ज पंचम की नाक
Chapter: [2.2] जॉर्ज पंचम की नाक
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“धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात........
छोड़कर तालाब मेरी झोपड़ी में खिल रहे जलजात”

'तुम्हारी ये दंतुरित मुस्कान' से ली गई उपर्युक्त पंक्तियों में प्रयुक्त बिम्ब को स्पष्ट कीजिए।

[5] नागार्जुन : यह दंतुरित मुसकान और फसल
Chapter: [5] नागार्जुन : यह दंतुरित मुसकान और फसल
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