English

‘साना-साना हाथ जोड़ि’ पाठ के आधार पर बताइए कि पहाड़ के सौंदर्य पर मंत्रमुग्ध लेखिका पहाड़ों पर किस दृश्य को देख क्षुब्ध और परेशान हो उठती हैं? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

Question

‘साना-साना हाथ जोड़ि’ पाठ के आधार पर बताइए कि पहाड़ के सौंदर्य पर मंत्रमुग्ध लेखिका पहाड़ों पर किस दृश्य को देख क्षुब्ध और परेशान हो उठती हैं? क्या आपने भ्रमण या पर्यटन के दौरान ऐसे दृश्य देखे हैं? ऐसे दृश्यों और अपने मन पर पढ़े उनके प्रभाव को अपने शब्दों में लिखिए।

Answer in Brief
Advertisements

Solution

लेखिका जब प्रकृति के सौंदर्य में डूबी हुई थी उस समय उसका ध्यान पत्थर तोड़ती हुईं पहाड़ी औरतों पर गया जिनके शरीर तो गुँथे हुए आटे के समान कोमल थे किंतु उनके हाथों में कुदाल और हथौड़े थे। उनमें से कुछ की पीठ पर बँधी एक बड़ी टोकरी में उनके बच्चे भी थे। इतने स्वर्गीय सौंदर्य के बीच मातृत्व और श्रम साधना के साथ-साथ भूख, मौत, दैन्य और जिंदा रहने की जंग पहाड़ों में रास्ता बनाने वाली ये श्रमिक औरतें झेल रही हैं।

प्राकृतिक सौंदर्य के इस दृश्य ने लेखिका की चेतना को झकझोर डाला।

यदि हमें भी पर्यटन या भ्रमण के दौरान ऐसे परेशान करने वाले पहाड़ी दृश्य दिखते हैं, तो निश्चय ही हमारा मन व्याकुल हो उठेगा कि ये मेहनती स्त्रियाँ कितना कम पैसा लेकर समाज को बहुत अधिक वापस लौटा देती हैं। देश के श्रमिक एवं किसान देश की प्रगति के लिए प्रत्येक क्षित्र के कष्ट साध्य कार्यों में भी सहयोग देती हैं। धन्य हैं हमारे ये श्रमिक एवं किसान।

shaalaa.com
साना-साना हाथ जोड़ि...
  Is there an error in this question or solution?
2021-2022 (March) Outside Delhi Set 1

RELATED QUESTIONS

गंतोक को 'मेहनतकश बादशाहों का शहर' क्यों कहा गया?


कभी श्वेत तो कभी रंगीन पताकाओं का फहराना किन अलग-अलग अवसरों की ओर संकेत करता है?


जितेन नार्गे ने लेखिका को सिक्किम की प्रकृति, वहाँ की भौगोलिक स्थिति एवं जनजीवन के बारे में क्या महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं, लिखिए।


इस यात्रा − वृत्तांत में लेखिका ने हिमालय के जिन − जिन रूपों का चित्र खींचा है, उन्हें अपने शब्दों में लिखिए।


प्राकृतिक सौंदर्य के अलौकिक आनंद में डूबी लेखिका को कौन−कौन से दृश्य झकझोर गए?


"कितना कम लेकर ये समाज को कितना अधिक वापस लौटा देती हैं।" इस कथन के आधार पर स्पष्ट करें कि आम जनता की देश की आर्थिक प्रगति में क्या भूमिका है?


रात के सम्मोहन में डूबी लेखिका अपने बाहर-भीतर एक शून्यता की स्थिति महसूस कर रही थी। लेखिका ऐसी स्थिति से कब और कैसे मुक्त हुई?


सुबह-सुबह बालकनी की ओर भागकर लेखिका के हाथ निराशा क्यों लगी? उसके निराश मन को हलकी-सी सांत्वना कैसे मिली?


यूमथांग के रास्ते में दोनों ओर बिखरे असीम सौंदर्य को देखकर लेखिका एवं अन्य सैलानियों की प्रतिक्रिया किस तरह अलग थी?


‘सेवन सिस्टर्स वाटर फॉल’ को लेखिका ने किसका प्रतीक माना? उसका सौंदर्य देख लेखिका कैसा महसूस करने लगी?


लेखिका ने किस चलायमान सौंदर्य को जीवन का आनंद कहा है? उसका ऐसा कहना कितना उचित है और क्यों?


लेखिका ने पहाड़ी औरतों और आदिवासी औरतों में क्या समानता महसूस की?


पहाड़ के निवासियों का जीवन परिश्रमपूर्ण एवं कठोर होता है, सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।


गरमियों में बरफ़ शिलाएँ पिघलकर हमारी प्यास बुझाती हैं? ऐसा लेखिका की सहेली ने किस संदर्भ में कहा? बढ़ते जल प्रदूषण को दूर करने के लिए आप क्या-क्या करना चाहेंगे?


‘साना-साना हाथ जोड़ि’ पाठ में कहा गया है कि ‘कटाओ’ पर किसी दुकान का न होना वरदान है, ऐसा क्यों? भारत के अन्य प्राकृतिक स्थानों को वरदान बनाने में युवा नागरिकों की क्या भूमिका हो सकती है?


नदी, फूलों, वादियों और झरनों के स्वर्गिक सौंदर्य के बीच किन दृश्यों ने लेखिका के हृदय को झकझोर दिया? ‘साना-साना हाथ जोड़ि’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।


'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -

'साना-साना हाथ जोड़ि' - की लेखिका अपनी यात्रा में प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते चलती हैं। पाठ के किन्हीं दो प्रसंगों के उल्लेख के साथ लिखिए कि अगर आप उस स्थान पर होते तो क्या करते?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×