Advertisements
Advertisements
Question
प्रकृति ने जल संचय की व्यवस्था किस प्रकार की है?
Advertisements
Solution
प्रकृति, सर्दियों के समय में पहाड़ों पर बर्फ बरसा देती है और जब गर्मी शुरू हो जाती है तो उस बर्फ को पिघला कर नदियों को जल से भर देती है। जिससे गर्मी से व्याकुल लोगों को गर्मियों में जल की कमी नहीं होती। यदि प्रकृति ने बर्फ के माध्यम से जल संचय की व्यवस्था ना की होती तो हमारे जीवन के लिए आवश्यक जल की आपूर्ति सम्भव नहीं थी।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
झिलमिलाते सितारों की रोशनी में नहाया गंतोक लेखिका को किस तरह सम्मोहित कर रहा था?
इस यात्रा-वृत्तांत में लेखिका ने हिमालय के जिन-जिन रूपों का चित्र खींचा है, उन्हें अपने शब्दों में लिखिए।
प्रकृति उस अनंत और विराट स्वरूप को देखकर लेखिका को कैसी अनुभूति होती है?
प्राकृतिक सौंदर्य के अलौकिक आनंद में डूबी लेखिका को कौन-कौन से दृश्य झकझोर गए?
सैलानियों को प्रकृति की अलौकिक छटा का अनुभव करवाने में किन-किन लोगों का योगदान होता है, उल्लेख करें।
आज की पीढ़ी द्वारा प्रकृति के साथ किस तरह का खिलवाड़ किया जा रहा है। इसे रोकने में आपकी क्या भूमिका होनी चाहिए।
रात के सम्मोहन में डूबी लेखिका अपने बाहर-भीतर एक शून्यता की स्थिति महसूस कर रही थी। लेखिका ऐसी स्थिति से कब और कैसे मुक्त हुई?
सुबह-सुबह बालकनी की ओर भागकर लेखिका के हाथ निराशा क्यों लगी? उसके निराश मन को हलकी-सी सांत्वना कैसे मिली?
यूमथांग के रास्ते में दोनों ओर बिखरे असीम सौंदर्य को देखकर लेखिका एवं अन्य सैलानियों की प्रतिक्रिया किस तरह अलग थी?
‘सेवन सिस्टर्स वाटर फॉल’ को लेखिका ने किसका प्रतीक माना? उसका सौंदर्य देख लेखिका कैसा महसूस करने लगी?
लेखिका ने पहाड़ी औरतों और आदिवासी औरतों में क्या समानता महसूस की?
‘जाने कितना ऋण है हम पर इन नदियों का’ लेखिका ने ऐसा क्यों कहा है? इन नदियों का ऋण चुकाने के लिए। आप क्या-क्या करना चाहेंगे?
अथवा
नदियों का हम पर ऋण होने पर भी हमारी आस्था इनके लिए घातक सिद्ध हो रही है, कैसे? आप नदियों को साफ़ रखने के लिए क्या-क्या करना चाहेंगे?
देश की सीमा पर बैठे फ़ौजी कई तरह से कठिनाइयों का मुकाबला करते हैं। सैनिकों के जीवन से किन-किन जीवन मूल्यों को अपनाया जा सकता है?
"वहीं सुख, शांति और सुकून है, जहाँ अखंडित संपूर्णता है। पेड़, पौधे, पशु और आदमी सब अपनी-अपनी लय, ताल और गति में हैं। हमारी पीढ़ी ने प्रकृति की इस लय, ताल और गति से खिलवाड़ कर अक्षम्य अपराध किया है।" 'साना-साना हाथ जोड़ि' पाठ के आधार पर बताइए कि इस अक्षम्य अपराध का प्रायश्चित मनुष्य किस प्रकार कर सकता है?
“हम सभी नदियों और पर्वतों के ऋणी है”- कैसे? ‘साना-साना हाथ जोड़ि’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
'साना-साना हाथ जोड़ि' पाठ के संदर्भ में लिखिए कि प्राकृतिक जल संचय की व्यवस्था को कैसे सुधारा जा सकता है? इस दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर टिप्पणी कीजिए।
'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -
'साना-साना हाथ जोड़ि' - की लेखिका अपनी यात्रा में प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते चलती हैं। पाठ के किन्हीं दो प्रसंगों के उल्लेख के साथ लिखिए कि अगर आप उस स्थान पर होते तो क्या करते?
