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Question
इस यात्रा-वृत्तांत में लेखिका ने हिमालय के जिन-जिन रूपों का चित्र खींचा है, उन्हें अपने शब्दों में लिखिए।
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Solution
गैंगटॉक के होटल की बालकनी से उसे हिमालय की तीसरी सबसे बड़ी चोटी कंचनजंघा दिखाई देती परन्तु मौसम की खराबी के कारण वह उसके दर्शन नहीं कर पाईं। पर चारों तरफ़ उसे तरह-तरह के रंग-बिरंगे फूल ही फूल दिखे जिसने उसे मोहित कर लिया। चारों तरफ़ हिमालय की गहनतम वादियाँ और फूलों से लदी घाटियाँ थीं। मार्ग ज़रूर खतरनाक था परन्तु उसके चारों ओर मनोहारी व आत्मीय सुख देने वाले दृश्य थे। यूमयाँग के करीब जैसे-जैसे वह बढ़ने लगे रास्ते वीरान, सँकरे व जलेबी की तरह घुमावदार हो रहे थे। हिमालय बड़ा होते-होते अब विशालकाय लगने लगा। घाटियाँ गहराती-गहराती पाताल नापने लगीं। वादियाँ चौड़ी होती गईं और फूलों से भरने लगीं। ऐसा लग रहा था मानो स्वर्ग में पहुँच गए हों। चारों तरफ दूध की धार की तरह दिखने वाले जलप्रपात थे तो वहीं नीचे चाँदी की तरह कौंध मारती तिस्ता नदी। जिसने लेखिका के हृदय को आनन्द से भर दिया। इस अनुपम दृश्य को देखकर हिमालय के प्रति उसका असीम प्रेम सम्मान के रूप में झुक गया। सेवन सिस्टर्स वॉटरफॉल देखकर लेखिका मंत्रमुग्ध हो गई। स्वयं को इस पवित्र वातावरण में पाकर भावविभोर हो गई जिसने उनके हृदय को काव्यमय बना दिया।
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