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‘जॉर्ज पंचम की नाक’ पाठ के आधार पर बताइए कि रानी के आगमन पर राजधानी में क्या-क्या तैयारियाँ हो रही थी? इस तैयारी और बदलाव के पीछे भारतीय प्रशासन की कौन-सी मानसिकता थी?

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Question

‘जॉर्ज पंचम की नाक’ पाठ के आधार पर बताइए कि रानी के आगमन पर राजधानी में क्या-क्या तैयारियाँ हो रही थी? इस तैयारी और बदलाव के पीछे भारतीय प्रशासन की कौन-सी मानसिकता थी? इसे देख आपको क्या अनुभव होता है?

Answer in Brief
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Solution

पाठ में रानी एलिजाबेथ के भारत में आने पर संपूर्ण सरकारी तंत्र अपने सभी काम-काज छोड़कर उनकी तैयारी और स्वागत में लग जाता है। दौरे के दौरान तैयारी में उनके द्वारा पहने जाने वाले वस्त्र, जन्मपत्री शाहीमहल में रहने और पलने वाले कुत्तों की तस्‍वीरें भी अखबार में छापी गईं।

इस पाठ में सरकारी तंत्र के अधिकारियों की मानसिक परतंत्र की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। ये अधिकारीगण मानसिक गुलामी में जीते हुए एलिजाबेथ को खुश करने के लिए बदहवास से दिखाई देते हैं।उन्हें राष्ट्र के शहीद देशभक्त नेताओं तथा बच्चों के सम्मान का ध्यान नहीं रह जाता और वे लाट पर जिंदा नाक लगाने में तनिक भी आपत्ति नहीं दिखाते हैं। इस पर वे देश की मर्यादा और भारतीयों के स्वाभिमान को नाक पर रख देते हैं। यह सरकारी तंत्र की अयोग्यता अदूरदर्शिता, चाटुकारिता और मूर्खता को दर्शाता है। पदों के छिन जाने, स्थानांतरित किए जाने, पदोन्नति रुकने जैसी हीन मानसिकता से सरकारी तंत्र ग्रस्त रहता है। हमारे यही अनुभव की स्थिति भारतीय अधिकारियों की मानसिकता पर करारा व्यंग्य करती है।

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जॉर्ज पंचम की नाक
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2021-2022 (March) Outside Delhi Set 1

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सरकारी तंत्र में जॉर्ज पंचम की नाक लगाने को लेकर जो चिंता या बदहवासी दिखाई देती है वह उनकी किस मानसिकता को दर्शाती है।


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जॉर्ज पंचम की नाक’ नामक पाठ में भारतीय अधिकारियों, मंत्रियों और कार्यालयी कार्य प्रणाली पर कठोर व्यंग्य किया गया है। इसे स्पष्ट कीजिए।


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इस छानबीन का कोई सकारात्मक परिणाम न निकला, क्योंकि फाइलों में ऐसा कुछ न मिला। भारतीय हुक्मरान अपनी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालते नज़र आते हैं। जॉर्ज पंचम की नाक’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


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