Advertisements
Advertisements
Question
सरकारी तंत्र में जॉर्ज पंचम की नाक लगाने को लेकर जो चिंता या बदहवासी दिखाई देती है वह उनकी किस मानसिकता को दर्शाती है।
Advertisements
Solution
सरकारी तंत्र के आलस्य का यहाँ पर वर्णन किया गया है। सरकारी तंत्र तभी होश में आता है जब बात गंभीरता का रूप धारण कर लेती है। वह अपने कर्तव्य को सही ढ़ग से न निभाते हुए मीटिग के हवाले समस्या को छोड़ देते हैं। अपनी ज़िम्मदारी को भली−भांति नहीं निभाते व ज़िम्मेदारी दूसरे विभाग पर डालते रहते हैं जिससे समस्या ज्यों की त्यों बनी रहती है। सलाह−मशवरा तो उचे पैमाने पर करने की कोशिश करते हैं पर बुद्धि के मामले पर समस्या को सुलझा नहीं पाते। वे अपनी समस्याओं का हल बाहर ढूँढने के स्थान पर जंग लगी फाइलों का सहारा लेते हैं परन्तु इन फाइलों की इतनी बेकदरी होती है कि वो भी बर्बाद हो जाते हैं।
RELATED QUESTIONS
रानी एलिजाबेथ के दरज़ी की परेशानी का क्या कारण था? उसकी परेशानी को आप किस तरह तर्कसंगत ठहराएँगे?
आज की पत्रकारिता में चर्चित हस्तियों के पहनावे और खान-पान संबंधी आदतों आदि के वर्णन का दौर चल पड़ा है −
इस प्रकार की पत्रकारिता के बारे में आपके क्या विचार हैं?
जॉर्ज पंचम की लाट की नाक को पुन: लगाने के लिए मूर्तिकार ने क्या-क्या यत्न किए?
नाक मान-सम्मान व प्रतिष्ठा का द्योतक है। यह बात पूरी व्यंग्य रचना में किस तरह उभरकर आई है? लिखिए।
जॉर्ज पंचम की लाट पर किसी भी भारतीय नेता, यहाँ तक कि भारतीय बच्चे की नाक फिट न होने की बात से लेखक किस ओर संकेत करना चाहता है।
अखबारों ने जिंदा नाक लगने की खबर को किस तरह से प्रस्तुत किया?
"नयी दिल्ली में सब था... सिर्फ़ नाक नहीं थी।" इस कथन के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है?
जॉर्ज पंचम की नाक लगने वाली खबर के दिन अखबार चुप क्यों थे?
एलिजाबेथ के भारत आगमन पर इंग्लैंड और भारत दोनों स्थानों पर हलचल मच गई। उनके इस दौरे का असर किन-किन पर हुआ?
जॉर्ज पंचम की नाक’ नामक पाठ में भारतीय अधिकारियों, मंत्रियों और कार्यालयी कार्य प्रणाली पर कठोर व्यंग्य किया गया है। इसे स्पष्ट कीजिए।
इस छानबीन का कोई सकारात्मक परिणाम न निकला, क्योंकि फाइलों में ऐसा कुछ न मिला। भारतीय हुक्मरान अपनी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालते नज़र आते हैं। जॉर्ज पंचम की नाक’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
इंग्लैंड के अखबारों में छपने वाली उन खबरों का उल्लेख कीजिए जिनके कारण हिंदुस्तान में सनसनी फैल रही थी?
जॉर्ज पंचम की नाक की सुरक्षा के लिए क्या-क्या इंतजाम किए गए थे?
मूर्तिकार ने भारतीय हुक्मरानों को किस हालत में देखा? उनकी परेशानी दूर करने के लिए उसने क्या कहा?
जॉर्ज पंचम की नाक’ पाठ में देश के विभिन्न भागों के प्रसिद्ध नेताओं, देशभक्तों और स्वाधीनता सेनानियों को उल्लेख हुआ है। इनके जीवन-चरित्र से आप किन मूल्यों को अपनाना चाहेंगे?
‘जॉर्ज पंचम की नाक’ पाठ में निहित व्यंग्य को स्पष्ट करते हुए बताइए कि मानसिक पराधीनता से मुक्ति पाना क्यों आवश्यक है?
‘जॉर्ज पंचम की नाक’ पाठ के आधार पर बताइए कि रानी एलिजाबेथ द्वितीय के भारत आगमन से पूर्व अधिकारियों को क्या चिंता हुई। देश की नाक बचाने के लिए कौन-सी जी-तोड़ कोशिशें की गईं?
‘जॉर्ज पंचम की नाक’ पाठ के आधार पर बताइए कि रानी के आगमन पर राजधानी में क्या-क्या तैयारियाँ हो रही थी? इस तैयारी और बदलाव के पीछे भारतीय प्रशासन की कौन-सी मानसिकता थी? इसे देख आपको क्या अनुभव होता है?
