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'माता का अँचल' पाठ में भोलानाथ का अपने माता-पिता से बहुत लगाव है। बचपन में हर बच्चा एक पल के लिए भी माता-पिता का साथ नहीं छोड़ना चाहता है,

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Question

'माता का अँचल' पाठ में भोलानाथ का अपने माता-पिता से बहुत लगाव है। बचपन में हर बच्चा एक पल के लिए भी माता-पिता का साथ नहीं छोड़ना चाहता है, किंतु माता-पिता के बूढ़े हो जाने पर इनमें से ही कुछ उन्हें साथ न रखकर वृद्धाश्रम में पहुँचा देते हैं। ऐसे लोगों को आप किन शब्दों में समझाएँगे? विचार करके लिखिए।

Answer in Brief
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Solution

बढ़ती उपभोक्तावादी सोच, एकल परिवार को प्राथमिकता, वैयक्तिकता का प्रभावित होना, संवेदनशीलता में कमी आना आदि माता-पिता को दूर रखने के प्रमुख कारण हैं। ऐसे लोगों को भावात्मक रूप से समझाने की आवश्यकता है, उन्हें यह कहकर समझाया जा सकता है कि जैसा वे अपने माता-पिता के साथ कर रहे हैं, वैसा कल उनके साथ भी हो सकता है। वे वृद्धाश्रम भेजने से पूर्व माता-पिता के स्थान पर स्वयं को रखकर देखें।

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माता का आँचल
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2022-2023 (March) Sample

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'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -

यह स्वाभाविक है कि बच्चा माता या पिता किसी एक से अधिक नज़दीकी का अनुभव करता हो - 'माता का आँचल' के भोलानाथ के संदर्भ से इस कथन पर प्रकाश डालें। इसके साथ ही अपने जीवन के अनुभव से इसके पक्ष या विपक्ष में टिप्पणी कीजिए।


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