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माता का अँचल शीर्षक की उपयुक्तता बताते हुए कोई अन्य शीर्षक सुझाइए।

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Question

माता का अँचल शीर्षक की उपयुक्तता बताते हुए कोई अन्य शीर्षक सुझाइए।

Very Long Answer
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Solution

लेखक ने इस कहानी का नाम ‘माता का अँचल’ उपयुक्त रखा है। इस कहानी में माँ के आँचल की सार्थकता को समझाने का प्रयास किया गया है। भोलानाथ को माता व पिता दोनों से बहुत प्रेम मिला है। उसका दिन पिता की छत्रछाया में ही शुरू होता है। पिता उसकी हर क्रीड़ा में सदैव साथ रहते हैं और विपदा होने पर उसकी रक्षा करते हैं। परन्तु जब वह साँप को देखकर डर जाता है तो वह पिता की छत्रछाया के स्थान पर माता की गोद में छिपकर ही प्रेम व शान्ति का अनुभव करता है। माता उसके भय से भयभीत है, उसके दुःख से दुखी है, उसके आँसू से खिन्न है। वह अपने पुत्र की पीड़ा देखकर अपनी सुधबुध खो देती है। वह बस इसी प्रयास में है कि वह अपने पुत्र की पीड़ा समाप्त कर सके। माँ का यही प्रयास उसके बच्चे को आत्मीय सुख व प्रेम का अनुभव कराता है। इसके लिए एक उपयुक्त शीर्षक हो सकता था ‘माँ की ममता’, क्योंकि कहानी में माँ का स्नेह ही प्रधान है। अत: यह शीर्षक भी उचित है।

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माता का आँचल
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Chapter 1: माता का अँचल - प्रश्न-अभ्यास [Page 9]

APPEARS IN

NCERT Hindi Kritika Bhag 2 Class 10
Chapter 1 माता का अँचल
प्रश्न-अभ्यास | Q 9. | Page 9

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पूरक पाठ्पुस्तक के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -

'माता का प्रेम, पिता के प्रेम की अपेक्षा अधिक गहन होता है।' 'माता का आँचल' पाठ के आधार पर विचार कीजिए।


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