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इस उपन्यास अंश में तीस के दशक की ग्राम्य संस्कृति का चित्रण है। आज की ग्रामीण संस्कृति में आपको किस तरह के परिवर्तन दिखाई देते हैं।

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Question

इस उपन्यास अंश में तीस के दशक की ग्राम्य संस्कृति का चित्रण है। आज की ग्रामीण संस्कृति में आपको किस तरह के परिवर्तन दिखाई देते हैं।

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Solution

  1. तीस के दशक अर्थात् 1930 के आस-पास ग्रामीण संस्कृति में बनावटी (दिखावा) जीवन का अभाव था। लोग बहुत ही सीधा-सादा जीवन व्यतीत करते थे। उस समय ग्रामीण लोगों पर विज्ञान का अधिक प्रभाव नहीं था। लोग बाज़ार अथवा दूसरों पर कम आश्रित थे। चोट लगने अथवा बीमार पड़ने पर भी बाज़ारू दवाइयों के बजाय घरेलू नुस्खों का अधिक प्रयोग करते थे।
  2. पहले की तुलना में आज की ग्रामीण संस्कृति में काफी परिवर्तन आए हैं। अब गाँव में भी विज्ञान का प्रभाव बढ़ता जा रहा है; जैसे- लालटेन के स्थान पर बिजली, बैल के स्थान पर ट्रैक्टर का प्रयोग, घरेलु खाद के स्थान पर बाज़ार में उप्लब्ध कृत्रिम खाद का प्रयोग तथा विदेशी दवाइयों का प्रयोग किया जा रहा है। पहले की तुलना में अब किसानों (खेतीहर मज़दूरों) की संख्या घट रही है। घर की छोटी-छोटी चीज़ों के लिए भी लोग दूसरों पर आश्रित हैं।
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माता का आँचल
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Chapter 1: माता का अँचल - प्रश्न-अभ्यास [Page 8]

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NCERT Hindi Kritika Bhag 2 [English] Class 10
Chapter 1 माता का अँचल
प्रश्न-अभ्यास | Q 6. | Page 8

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'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -

यह स्वाभाविक है कि बच्चा माता या पिता किसी एक से अधिक नज़दीकी का अनुभव करता हो - 'माता का आँचल' के भोलानाथ के संदर्भ से इस कथन पर प्रकाश डालें। इसके साथ ही अपने जीवन के अनुभव से इसके पक्ष या विपक्ष में टिप्पणी कीजिए।


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