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Question
रचनाकार की भीतरी विवशता ही उसे लेखन के लिए मजबूर करती है और लिखकर ही रचनाकार उससे मुक्त हो पाता है। 'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के आधार पर हिरोशिमा घटना से जोड़ते हुए इस कथन की पुष्टि कीजिए।
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Solution
भीतरी विवशता लेखन के लिए मजबूर करती है, जो आंतरिक अनुभूति से उत्पन्न होती है। किसी घटना विशेष का अनुभव जब घनीभूत होता है, तब मन में संवेदनशीलता अकुलाती है और यही अकुलाहट अभिव्यक्ति का आधार बनती है। अनुभव, आंतरिक अनुभूति, विवशता, संवेदना के बाद पृष्ठों पर कुछ उतरता है, बाहरी दबाव की अपेक्षा लेखन के लिए आंतरिक अनुभूति कहीं अधिक प्रभावी है। लेखक ने हिरोशिमा की विभीषिका को पत्थर पर उतरी मनुष्य की छाया से महसूस किया और इसी अनुभूति के घनीभूत होते ही हिरोशिमा पर कविता लिख दी।
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