Advertisements
Advertisements
Question
लेखन में कृतिकार के स्वभाव और अनुशासन की महत्ता स्पष्ट कीजिए।
Advertisements
Solution
लेखन में कृतिकार के स्वभाव और अनुशासन दोनों का ही महत्त्व होता है क्योंकि कुछ कृतिकार ऐसे होते हैं जो बाहरी दबाव के बिना लिख ही नहीं सकते हैं। इसी से उनकी भीतरी विवशता व्याकुलता में बदल पाती है और लिखने को विवश होते हैं।
उदाहरणार्थ : कोई व्यक्ति सवेरे के समय नींद खुल जाने पर भी तब तक बिस्तर पर अलसाया पड़ा रहता है जब तक कि घड़ी का अलार्म न बज जाए। अतः कृतिकार का स्वभावतः अनुशासित होना आवश्यक है।
RELATED QUESTIONS
लेखक के अनुसार प्रत्यक्ष अनुभव की अपेक्षा अनुभूति उनके लेखन में कहीं अधिक मदद करती है, क्यों?
मैं क्यों लिखता हूँ? के आधार पर बताइए कि-
किसी रचनाकार के प्रेरणा स्रोत किसी दूसरे को कुछ भी रचने के लिए किस तरह उत्साहित कर सकते हैं?
हिरोशिमा पर लिखी कविता लेखक के अंतः व बाह्य दोनों दबाव का परिणाम है, यह आप कैसे कह सकते हैं?
एक संवेदनशील युवा नागरिक की हैसियत से विज्ञान का दुरुपयोग रोकने में आपकी क्या भूमिका है?
उन तथ्यों का उल्लेख कीजिए जो लेखक को लिखने के लिए प्रेरित करते हैं?
कभी-कभी बाहरी दबाव भी भीतरी उन्मेष बन जाते हैं, कैसे? स्पष्ट कीजिए।
हिरोशिमा में हुए अणुबम विस्फोट के दुष्प्रभावों को पढ़कर भी लेखक कविता क्यों न लिख सका?
लेखक ने हिरोशिमा में पत्थर पर लिखी कौन-सी ट्रेजडी देखी?
हिरोशिमा में विज्ञान का जिस तरह दुरुपयोग हुआ वह मानवता के लिए खतरे का संकेत था। वर्तमान में यह खतरा और भी बढ़ गया है। भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इस संबंध में अपने विचार स्पष्ट कीजिए।
रचनाकार की भीतरी विवशता ही उसे लेखन के लिए मजबूर करती है और लिखकर ही रचनाकार उससे मुक्त हो पाता है। 'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के आधार पर हिरोशिमा घटना से जोड़ते हुए इस कथन की पुष्टि कीजिए।
'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के संदर्भ में लिखिए कि आपके विचार से विज्ञान का दुरुपयोग कैसे हो रहा है और उससे कैसे बचा जा सकता है?
पूरक पाठ्पुस्तक के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -
'मैं क्यों लिखता हूँ' प्रश्न के उत्तर में लेखक क्या कारण बताता है?
'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -
कृतिकार की ईमानदारी से आप क्या समझते हैं? 'मैं क्यों लिखता हूँ' के लेखक ने इस ईमानदारी के समक्ष किस तरह की लेखकीय विवशताओं का उल्लेख किया है?
