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लेखक के अनुसार प्रत्यक्ष अनुभव की अपेक्षा अनुभूति उनके लेखन में कहीं अधिक मदद करती है, क्यों?

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Question

लेखक के अनुसार प्रत्यक्ष अनुभव की अपेक्षा अनुभूति उनके लेखन में कहीं अधिक मदद करती है, क्यों?

Very Long Answer
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Solution

लेखक के अनुसार, प्रत्यक्ष अनुभव वह होता है जिसे हम घटित होते हुए देखते हैं। इसके माध्यम से हम अनुभूति, संवेदना और कल्पना को सरलता से आत्मसात् कर लेते हैं। यह वास्तव में रचनाकार के साथ घटित नहीं होता है। वह आँखों के आगे नहीं आया होता। अनुभव की तुलना में अनुभूति (महसूस करने की क्षमता) लेखक के हृदय के सारे भावों को बाहर निकालने में उसकी सहायता करती है। जब तक हृदय में अनुभूति न जागे, लेखन का कार्य करना संभव नहीं है। क्योंकि यही हृदय में संवेदना जागृत करती है और लेखन के लिए मजबूर करती है। यही कारण है कि लेखक लेखन के लिए अनुभूति को अधिक महत्व देता है।

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मैं क्‍यों लिखता हूँ?
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Chapter 3: मैं क्यों लिखता हूँ? - प्रश्न-अभ्यास [Page 27]

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NCERT Hindi Kritika Bhag 2 Class 10
Chapter 3 मैं क्यों लिखता हूँ?
प्रश्न-अभ्यास | Q 1. | Page 27

RELATED QUESTIONS

लेखक ने अपने आपको हिरोशिमा के विस्फोट का भोक्ता कब और किस तरह महसूस किया?


मैं क्यों लिखता हूँ? के आधार पर बताइए कि-

लेखक को कौन-सी बातें लिखने के लिए प्रेरित करती हैं?


कुछ रचनाकारों के लिए आत्मानुभूति/स्वयं के अनुभव के साथ-साथ बाह्य दबाव भी महत्वपूर्ण होता है। ये बाह्य दबाव कौन-कौन से हो सकते हैं?


क्या बाह्य दबाव केवल लेखन से जुड़े रचनाकारों को ही प्रभावित करते हैं या अन्य क्षेत्रों से जुड़े कलाकारों को भी प्रभावित करते हैं, कैसे?


हिरोशिमा की घटना विज्ञान का भयानकतम दुरुपयोग है। आपकी दृष्टि में विज्ञान का दुरुपयोग कहाँ-कहाँ और किस तरह से हो रहा है।


उन तथ्यों का उल्लेख कीजिए जो लेखक को लिखने के लिए प्रेरित करते हैं?


कभी-कभी बाहरी दबाव भी भीतरी उन्मेष बन जाते हैं, कैसे? स्पष्ट कीजिए।


लेखन में कृतिकार के स्वभाव और अनुशासन की महत्ता स्पष्ट कीजिए।


हिरोशिमा के बम विस्फोट में हुई क्षति को देखकर लेखक को कौन-सी घटना याद आई?


लेखक अज्ञेय ने प्रत्यक्ष अनुभव और अनुभूति में क्या अंतर बताया है?


हिरोशिमा में विज्ञान का जिस तरह दुरुपयोग हुआ वह मानवता के लिए खतरे का संकेत था। वर्तमान में यह खतरा और भी बढ़ गया है। भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इस संबंध में अपने विचार स्पष्ट कीजिए।


रचनाकार की भीतरी विवशता ही उसे लेखन के लिए मजबूर करती है और लिखकर ही रचनाकार उससे मुक्त हो पाता है। 'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के आधार पर हिरोशिमा घटना से जोड़ते हुए इस कथन की पुष्टि कीजिए।


'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के संदर्भ में लिखिए कि आपके विचार से विज्ञान का दुरुपयोग कैसे हो रहा है और उससे कैसे बचा जा सकता है?


पूरक पाठ्पुस्तक के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -

'मैं क्‍यों लिखता हूँ' प्रश्न के उत्तर में लेखक क्या कारण बताता है?


'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -

कृतिकार की ईमानदारी से आप क्या समझते हैं? 'मैं क्यों लिखता हूँ' के लेखक ने इस ईमानदारी के समक्ष किस तरह की लेखकीय विवशताओं का उल्लेख किया है?


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