Advertisements
Advertisements
Question
लेखक ने हिरोशिमा में पत्थर पर लिखी कौन-सी ट्रेजडी देखी?
Advertisements
Solution
हिरोशिमा में घूमते हुए एक दिन लेखक ने देखा कि एक जले हुए पत्थर पर एक उजली छाया है। उसने अनुमान लगाया कि जिस समय हिरोशिमा में विस्फोट हुआ उस समय वहाँ पत्थर के पास कोई खड़ा रहा होगा। अणुबम की रेडियोधर्मी तरंगों ने पत्थर को जला दिया पर जो किरणें (तरंगें) व्यक्ति में अवरुद्ध हो गई थीं उन्होंने उसे भाप बनाकर उड़ा दिया होगा जिसकी छाया पत्थर पर अंकित हो गई। इस तरह लेखक ने हिरोशिमा में पत्थर पर मानवता के विनाश की ट्रेजिडी देखी।
RELATED QUESTIONS
लेखक के अनुसार प्रत्यक्ष अनुभव की अपेक्षा अनुभूति उनके लेखन में कहीं अधिक मदद करती है, क्यों?
मैं क्यों लिखता हूँ? के आधार पर बताइए कि -
किसी रचनाकार के प्रेरणा स्रोत किसी दूसरे को कुछ भी रचने के लिए किस तरह उत्साहित कर सकते हैं?
कुछ रचनाकारों के लिए आत्मानुभूति/स्वयं के अनुभव के साथ-साथ बाह्य दबाव भी महत्वपूर्ण होता है। ये बाह्य दबाव कौन-कौन से हो सकते हैं?
क्या बाह्य दबाव केवल लेखन से जुड़े रचनाकारों को ही प्रभावित करते हैं या अन्य क्षेत्रों से जुड़े कलाकारों को भी प्रभावित करते हैं, कैसे?
एक संवेदनशील युवा नागरिक की हैसियत से विज्ञान का दुरुपयोग रोकने में आपकी क्या भूमिका है?
लेखक को कौन-सा प्रश्न सरल दिखाई देते हुए भी कठिन लगता है? और क्यों?
कभी-कभी बाहरी दबाव भी भीतरी उन्मेष बन जाते हैं, कैसे? स्पष्ट कीजिए।
लेखन में कृतिकार के स्वभाव और अनुशासन की महत्ता स्पष्ट कीजिए।
हिरोशिमा के बम विस्फोट में हुई क्षति को देखकर लेखक को कौन-सी घटना याद आई?
हिरोशिमा में हुए अणुबम विस्फोट के दुष्प्रभावों को पढ़कर भी लेखक कविता क्यों न लिख सका?
लेखक अज्ञेय ने प्रत्यक्ष अनुभव और अनुभूति में क्या अंतर बताया है?
'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के संदर्भ में लिखिए कि आपके विचार से विज्ञान का दुरुपयोग कैसे हो रहा है और उससे कैसे बचा जा सकता है?
पूरक पाठ्पुस्तक के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -
'मैं क्यों लिखता हूँ' प्रश्न के उत्तर में लेखक क्या कारण बताता है?
