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Question
स्त्री-शिक्षा विरोधी स्त्रियों के लिए पढ़ना कालकूट क्यों समझते थे?
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Solution
स्त्री-शिक्षा विरोधी कभी नहीं चाहते थे कि स्त्रियाँ पढ़-लिखकर आगे बढ़े। उन्हें यह भय सताता रहता था कि इससे वे (पुरुष) स्त्रियों को शोषण नहीं कर पाएँगे। उनके सत्य-असत्य को चुनौती मिलनी शुरू हो जाएगी। वे अपने अभिमान पर इस तरह की चोट सहन नहीं कर सकते थे। अत्रि ऋषि की पत्नी द्वारा पत्नी-धर्म पर घंटों व्याख्यान देना, गार्गी दुद्वारा ब्रह्मवादियों को हराना, मंडन मिश्र की सहधर्मिणी द्वारा शंकराचार्य के छक्के छुड़ाने को आश्चर्यजनक और पाप समझते थे, इसलिए उनकी दृष्टि में स्त्रियों को पढ़ाना कालकूट जैसा था।
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