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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
बढ़ती हुई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किए गए मानवीय क्रियाकलापों ने प्रकृति का नकारात्मक रूप में प्रभावित कर उसे असंतुलित किया है। प्रकृति के इस असंतुलन का मानवीय जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा है? 'अब कहाँ दूसरे के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ के संदर्भ में लिखिए।
Concept: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
'अब कहाँ दूसरों के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ में ऐसे अनेक लोगों का उल्लेख है, जो जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील थे। आपकों उनमें से सबसे अच्छा कौन लगा? कारण सहित लिखिए।
Concept: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -
'अब कहाँ दूसरों के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ के आधार पर लिखिए कि पहले और अब के संसार में जीवन शैली में क्या अंतर आ गया है?
Concept: अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
| मृगाक्षी एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में मैनेजर के पद पर आसीन है। श्रेष्ठ संचालन व बहुमुखी प्रतिभा की धनी होने के साथ ही बुद्धिमानी से तथ्यों को सुलझाने और सभी कार्यों को व्यवस्थित करने में उसका कोई सानी नहीं। वह रात-दिन काम में जुटी रहती है। कंपनी के स्तर को बढ़ाने के लिए सदैव प्रयासरत रहती है। कुछ दिनों से उसके सिर में दर्द रहने लगा है तथा नींद भी ठीक से नहीं आती है। ज़रा-ज़रा सी बात में चिड़चिड़ापन होता है तथा अक्सर उदासी उसे घेरे रहती है। |
इसका क्या कारण हो सकता है? 'पतझर में टूटी पत्तियाँ पाठ में 'झेन की देन' हमें जो सीख प्रदान करती है, क्या वह मृगाक्षी के लिए सही साबित हो सकती है? स्थिति का मूल्यांकन करते हुए अपने विचार लिखिए।
Concept: पतझर में टूटी पत्तियाँ
भ्रमण हम सभी के जीवन का अभिन्न अंग है। अपनी व्यस्ततम दिनचर्या के बीच चैन से भरे कुछ पल शायद हम इसी प्रकार निकाल सकते हैं। शांत वातावरण मैं अपने तथा अपनों के लिए जीवन व्यतीत करना आवश्यक है।
आपके दवारा इस पाठ्यक्रम में पढ़े गए पाठ में चैन भरे पल बिताने के लिए लेखक ने क्या किया? क्या वास्तव में सभी को इसकी आवश्यकता है? अपने विचार व्यक्त कीजिए।
Concept: पतझर में टूटी पत्तियाँ
वज़ीर अली के जीवन का लक्ष्य अंग्रेज़ों को इस देश से बाहर करना था। 'कारतूस' पाठ के आधार पर कथन की सत्यता सिद्ध कीजिए।
Concept: कारतूस
सआदत अली को अवध के तख़्त पर बिठाने के लिए पीछे कर्नल का उद्देश्य था -
Concept: कारतूस
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
पाठ्यक्रम में पढ़ी एकांकी द्वारा सिद्ध कीजिए कि मुट्ठी भर आदमी भी बड़ी फ़ौज पर काबू पा सकते हैं।
Concept: कारतूस
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर के लिए उचित विकल्प चुनकर लिखिए:
कौन/सा से वाक्य “कारतूस' एकांकी से मेल खाते हैं?
- वज़ीर अली की आज़ादी बहुत ख़तरनाक है।
- वकील ने वज़ीर अली की बात ध्यानपूर्वक सुनी और सहायता का पूरा आश्वासन दिया।
- इसका मतलब कंपनी के खिलाफ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई है।
- लेफ़्टीनेंट के अनुसार वज़ीर अली को पकड़ना बहुत सरल है।
Concept: कारतूस
आकृति में DE || AC और DF || AE हैं। सिद्ध कीजिए कि `"BF"/"FE" = "BE"/"EC"` है।

Concept: त्रिभुजों की समरूपता
आकृति में, यदि ∆ABE ≅ ∆ACD है, तो दर्शाइए कि ∆ADE ~ ∆ABC है।

Concept: त्रिभुजों की समरूपता के लिए कसौटियाँ
यदि cot θ = `7/8` है,तो `((1+sin θ )(1-sin θ))/((1+cos θ)(1-cos θ))` का मान निकालिए।
Concept: त्रिकोणमितीय अनुपात
निम्नलिखित के मान निकालिए:
`(5cos^2 60° + 4sec^2 30° - tan^2 45°)/(sin^2 30° + cos^2 30°)`
Concept: कुछ विशिष्ट कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात
यदि sin θ = `a/b` दिया है, तो cos θ से बराबर ______ है।
Concept: त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ
रेखाङ्कित-पदमाधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत -
प्रकृत्याः सन्निधौ वास्तविक सुखं विद्यते।
Concept: शुचिपर्यावरणम्
अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रदत्तप्रश्नानाम् उत्तराणि संस्कृतेन लिखत:
| 'संस्कृतभाषा सर्वभाषाणां जननी' इत्युच्यते। परम् अद्यत्वे छात्राणां मध्ये एक: चर्चित: प्रश्न: वर्तते यत् "संसकृतपठनेन के लाभा:?" अर्थात् संस्कृतपठनेन जीवनवृत्तेः अवसराः कै? वस्तुतः भौतिके युगे ईदृशी जिज्ञासा स्वाभाविकी एव। अस्या: जिज्ञासायाः समुचितं समाधानं सञ्चारमाध्यमेन कर्तुं शक्यते। वयम् पश्याम: यत् अद्यत्वे संस्कृतपटनेन नैके लाभा: सन्ति। संस्कृतभाषा विश्वस्य प्राचीनतमासु भाषासु अन्यतमा अस्ति। ऐतिहासिकदृष्ट्या संस्कृते लिखिता: ग्रन्था: वेदा: महत्त्वपूर्ण स्थानं भजन्ते। आधुनिकसंस्कृतस्य वैज्ञानिकभाषारूपेण सर्वत्र महत्त्वपूर्णं स्थानं दृश्यते। यदा विश्वं कृत्रिममेधा विषये अनुसन्धानं करोति तत्र संस्कृतं महत् साहाय्यं कर्तुं शक्नोति। यतो हि संस्कृतस्य व्याकरणं पूर्णतया वैज्ञानिकम् अस्ति। वर्तमान समये संस्कृतस्य अध्येतारः शिक्षणकौशल-चिकित्सा-खगोल-विद्या-वास्तुविद्या- 'आई.ए.एस.' प्रभृति। सर्वेषु क्षेत्रेषु स्वप्रतिभाप्रदर्शनं कुर्वन्ति। अस्मांक संस्कृति: संस्कृताधारिता अपि। अत एव संस्कृतभाषाया: अध्ययनं जीवनमूल्यपरकम् जीवनवृत्तिसाधनपरम् च अस्ति, नात्र कोऽपि सन्देह:। |
(अ) एकपदेन उत्तरतः (केवलं प्रश्नद्वयम्) 2
- सर्वभाषाणां जननी का?
- अस्माकं संकृतिः का आधारित वर्तते?
- कस्य व्याकरणं वैज्ञानिकम्?
(आ) पूर्णवाक्येन उत्तरत: (केवलं प्रश्नद्वयम्) 4
- ऐतिहासिकदृष्ट्या के महत्वपूर्णं स्थानं भजन्ते?
- वर्तमानसमये शिक्षणकौशलादिषु सर्वेषु क्षेत्रेषु के स्वप्रतिभा-प्रदर्शनं कुर्वन्ति?
- संस्कृतभाषाया: अध्ययनं कीदृशम् अस्ति?
(इ) अस्य अनुच्छेदस्य कृते उपयुक्तं शीर्षकं संस्कृतेन लिखत। 1
(ई) यथानिर्देशम् उत्तरतः (केवलं प्रश्नत्रयम्) 3
(i) 'पश्याम:' इति क्रिया पदस्य कर्तृपंद किम्?
(A) नैके
(B) वयम्
(C) लाभाः
(D) संस्कृतपठनेन
(ii) 'समुचितम्' इति विशेषणपदस्य विशेष्यपदं किम्?
(A) समाधानम्
(B) संस्कृतशिक्षक:
(C) स्वानुभवैः
(D) जिज्ञासाया:
(iii) 'हानयः' इति पदस्य किं विपर्ययपदं गद्यांशे प्रयुक्तम्?
(A) सन्ति
(B) लिखिताः
(C) लाभाः
(D) नैके
(iv) 'अध्येतार:' इति कर्तृपदस्यं क्रियापदं कि प्रयुक्तम्?
(A) अस्ति
(B) सन्ति
(C) भजन्ते
(D) कुर्वन्ति
Concept: अपठितावबोधनम्
अधोलिखित-रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
हरिततरूणां माला रमणीया।
Concept: शुचिपर्यावरणम्
मञ्जूषाया: सहायतया अधोलिखितश्लोकस्य अन्वयं पूरयित्वा पुन: लिखत।
| प्रस्तरतले लतातरुगुल्मा नो भवन्तु पिष्टा:। पाषाणी सभ्यता निसर्गे स्यान्न समाविष्टा।। मानवाय जीवनं कामये नो जीवन्मरणम्। शुचि।। |
अन्वय:-
(i) ______ प्रस्तरतले पिष्टाः नो (ii) ______। निसर्गे (iii) ______ सभ्यता समाविष्टा न (iv) ______। मानवाय जीवनं कामये नो जीवन्मरणम्।
मञ्जूषा
| पाषाणी, स्यात्, लतातरुगुल्मा:, भवन्तु |
Concept: शुचिपर्यावरणम्
स्थूलपदमाधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत -
त्वं मानुषात् बिभेषि।
Concept: बुद्धिर्बलवती सदा
निम्नलिखितं विषयमधिकृत्य मञ्जूषाप्रदत्तशब्दानां साहाय्येन न्यूनातिन्यूनं पञ्चभि: संस्कृतवाक्यै: एकम् अनुच्छेदं लिखत।
'मम प्रियं पुस्तकम्'
| मञ्जूषा - मम, पठेन, महती, ज्ञानस्य, साधनम्, भगवद्गीता, पुस्तकम्, प्रियम्, रुचिः, गीतायाम्, भण्डार:, कर्मयोगः, भक्तियोगः, अर्जुनम् प्रति, उपदेश:। |
Concept: अनुच्छेदलेखनम्
