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उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए। अन्तराकाशी

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Question

उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए।

अन्तराकाशी

Short/Brief Note
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Solution

जब कुछ अवयवी कण (परमाणु अथवा अणु) अन्तराकोशी स्थल पर पाए जाते हैं तब उत्पन्न दोष अन्तराकाशी दोष कहलाता है। यह दोष पदार्थ के घनत्व को बढ़ाता है। अन्तराकाशी दोष अनआयनिक ठोसों में पाया जाता है। आयनिक ठोसों में सदैव विद्युत उदासीनता बनी रहनी चाहिए। इससे इनमें यह दोष दिखाई नहीं देता है।

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ठोसों में अपूर्णताएं
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ZnS


उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए।

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उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए।

फ्रेंकेल दोष


उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए।

F-केन्द्र


ऐलुमिनियम घनीय निविड संकुलित संरचना में क्रिस्टलीकृत होता है। इसका धात्विक अर्द्धव्यास 125 pm है।

  1. एकक कोष्ठिका के कोर की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
  2. 1.0 cm3 ऐलुमिनियम में कितनी एकक कोष्ठिकाएँ होंगी?

______ में धनायन अन्तरकाशी स्थल में उपस्थित होते हैं।


क्रिस्टलों में शॉट्की दोष तब प्रेक्षित होता है जब ______।


AgBr (s) क्रिस्टल द्वारा निम्नलिखित में से कौन-से बिन्दु दोष प्रदर्शित किए जाते हैं?

  1. शॉट्की दोष
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कॉलम I में दिए गए दोषों के प्रकारों को कॉलम II में दिए गए कथनों से सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) अशुद्ध दोष (a) वह NaCl जिसमें F-केंद्र नामक ऋणायनिक स्थल उपस्थित हों
(ii) धातु आधिक्य दोष (b) Fe3+ युक्त FeO
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फेरस ऑक्साइड के एक नमूने का वास्तविक सूत्र Fe0.93 O1.00 है। इस नमूने में Fe2+ धातु आयनों का अंश कितना है? इसमें किस प्रकार का नॉनस्टॉइकियोमितीय दोष है? 


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