English

क्रिस्टलों में शॉट्की दोष तब प्रेक्षित होता है जब ______।

Advertisements
Advertisements

Question

क्रिस्टलों में शॉट्की दोष तब प्रेक्षित होता है जब ______।

Options

  • कुछ धनायन अपने जालक स्थानों से निकलकर अन्तराकाशी स्थानों में अध्यासित हो जाते हैं।

  • जालक से समान संख्या में धनायन एवं ऋणायन अनुपस्थित होते हैं।

  • कुछ जालक स्थल इलेक्ट्रॉनों द्वारा अध्यासित होते हैं।

  • जालक में कोई अशुद्धि उपस्थित होती है।

MCQ
Fill in the Blanks
Advertisements

Solution

क्रिस्टलों में शॉट्की दोष तब प्रेक्षित होता है जब जालक से समान संख्या में धनायन एवं ऋणायन अनुपस्थित होते हैं।

स्पष्टीकरण -

शॉट्की दोष ये आयनिक ठोस द्वारा दिखाया गया है। विद्युतीय तटस्थता बनाए रखने के लिए लापता पिंजरों और आयनों की संख्या बराबर है। यह यौगिक के घनत्व को कम करता है। यह एक रिक्ति दोष है। यह दोष विद्युत तटस्थता को बनाए रखता है क्योंकि ठोस से समान आयनों और उद्धरण गायब हैं। यह दोष घनत्व के साथ-साथ ठोस की मात्रा को भी कम करता है।

shaalaa.com
ठोसों में अपूर्णताएं
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1: ठोस अवस्था - अभ्यास [Page 4]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
Chapter 1 ठोस अवस्था
अभ्यास | Q I. 18. | Page 4

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित किस प्रकार का स्टॉइकियोमीट्री दोष दर्शाते हैं?

AgBr


उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए।

शॉट्की दोष


उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए।

फ्रेंकेल दोष


उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए।

F-केन्द्र


ऐलुमिनियम घनीय निविड संकुलित संरचना में क्रिस्टलीकृत होता है। इसका धात्विक अर्द्धव्यास 125 pm है।

  1. एकक कोष्ठिका के कोर की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
  2. 1.0 cm3 ऐलुमिनियम में कितनी एकक कोष्ठिकाएँ होंगी?

______ में धनायन अन्तरकाशी स्थल में उपस्थित होते हैं।


AgBr (s) क्रिस्टल द्वारा निम्नलिखित में से कौन-से बिन्दु दोष प्रदर्शित किए जाते हैं?

  1. शॉट्की दोष
  2. फ्रेंकेल दोष
  3. धातु आधिक्य दोष
  4. धातु न्यूनता दोष

FeO(s) इस स्टॉइकियोमीट्री संघटन में क्यों नहीं मिलता?


कॉलम I में दिए गए दोषों को कॉलम II में दिए गए कथनों से सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) सामान्य रिक्तिका दोष (a) आयन रहित ठोसों द्वारा दर्शाया जाता है औरठोस के घनत्व में वृद्धि होती है।
(ii) सामान्य अन्तराकाशी दोष (b) आयनिक ठोसों द्वारा दर्शाया जाता है और ठोस के घनत्व में कमी आती है।
(iii) फ्रेंकेल दोष

(c) आयन रहित ठोसों द्वारा द्शाया जाता है और ठोस का घनत्व कम हो जाता है।

(iv) शॉट्की दोष

(d) आयनिक ठोसों द्वारा दर्शाया जाता है और ठोस का घनत्व समान बना रहता है।


फेरस ऑक्साइड के एक नमूने का वास्तविक सूत्र Fe0.93 O1.00 है। इस नमूने में Fe2+ धातु आयनों का अंश कितना है? इसमें किस प्रकार का नॉनस्टॉइकियोमितीय दोष है? 


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×