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Question
______ में धनायन अन्तरकाशी स्थल में उपस्थित होते हैं।
Options
फ्रेंकेल दोष
शॉट्की दोष
रिक्तिका दोष
धातु न्यूनता दोष
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Solution
फ्रेंकेल दोष में धनायन अन्तरकाशी स्थल में उपस्थित होते हैं।
स्पष्टीकरण -
फ्रेंकेल दोष ये आयनिक ठोस द्वारा दर्शाया गया है। विस्थापन दोष में धनायन को मूल स्थान से एक अंतरालीय स्थान पर खो दिया जाता है। यह अपनी मूल साइट पर एक रिक्ति बनाता है। यह क्रिस्टलीय ठोस के रासायनिक गुणों में कोई बदलाव नहीं करेगा। फ्रेंकेल दोष को विस्थापन दोष के रूप में भी जाना जाता है। यह दोष उन तत्वों में देखा जाता है, जिनके आयनों के आकार में बड़ा अंतर होता है। ठोस के घनत्व या आयतन में कोई परिवर्तन नहीं होता है क्योंकि वे खो जाते हैं लेकिन फिर भी ठोस के अंदर मौजूद होते हैं।
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कॉलम I में दिए गए दोषों को कॉलम II में दिए गए कथनों से सुमेलित कीजिए-
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) सामान्य रिक्तिका दोष | (a) आयन रहित ठोसों द्वारा दर्शाया जाता है औरठोस के घनत्व में वृद्धि होती है। |
| (ii) सामान्य अन्तराकाशी दोष | (b) आयनिक ठोसों द्वारा दर्शाया जाता है और ठोस के घनत्व में कमी आती है। |
| (iii) फ्रेंकेल दोष |
(c) आयन रहित ठोसों द्वारा द्शाया जाता है और ठोस का घनत्व कम हो जाता है। |
| (iv) शॉट्की दोष |
(d) आयनिक ठोसों द्वारा दर्शाया जाता है और ठोस का घनत्व समान बना रहता है। |
कॉलम I में दिए गए दोषों के प्रकारों को कॉलम II में दिए गए कथनों से सुमेलित कीजिए-
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) अशुद्ध दोष | (a) वह NaCl जिसमें F-केंद्र नामक ऋणायनिक स्थल उपस्थित हों |
| (ii) धातु आधिक्य दोष | (b) Fe3+ युक्त FeO |
| (iii) धातु न्यूनता दोष | (c) Sr2+ युक्त NaCl जिसमें कुछ धनायनी स्थल रिक्त हों |
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