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Question
FeO(s) इस स्टॉइकियोमीट्री संघटन में क्यों नहीं मिलता?
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Solution
FeO के क्रिस्टल में कुछ Fe2+ आयन Fe3+ आयन द्वारा प्रतिस्थापित हो जाते हैं। धनावेश की हानि की पूर्ति के लिए तीन Fe2+ आयन दो Fe3+ आयनों से प्रतिस्थापित हो जाते हैं। फलस्वरूप, स्टॉइकियोमीट्री अनुपात की तुलना में धातु की मात्रा कम होगी।
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समझाइए कि एक उच्च संयोजी धनायन को अशुद्धि की तरह मिलाने पर आयनिक ठोस में रिक्तिकाएँ किस प्रकार प्रविष्ट होती हैं?
उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए।
शॉट्की दोष
उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए।
अन्तराकाशी
उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए।
F-केन्द्र
ऐलुमिनियम घनीय निविड संकुलित संरचना में क्रिस्टलीकृत होता है। इसका धात्विक अर्द्धव्यास 125 pm है।
- एकक कोष्ठिका के कोर की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
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______ में धनायन अन्तरकाशी स्थल में उपस्थित होते हैं।
क्रिस्टलों में शॉट्की दोष तब प्रेक्षित होता है जब ______।
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- शॉट्की दोष
- फ्रेंकेल दोष
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- धातु न्यूनता दोष
कॉलम I में दिए गए दोषों को कॉलम II में दिए गए कथनों से सुमेलित कीजिए-
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) सामान्य रिक्तिका दोष | (a) आयन रहित ठोसों द्वारा दर्शाया जाता है औरठोस के घनत्व में वृद्धि होती है। |
| (ii) सामान्य अन्तराकाशी दोष | (b) आयनिक ठोसों द्वारा दर्शाया जाता है और ठोस के घनत्व में कमी आती है। |
| (iii) फ्रेंकेल दोष |
(c) आयन रहित ठोसों द्वारा द्शाया जाता है और ठोस का घनत्व कम हो जाता है। |
| (iv) शॉट्की दोष |
(d) आयनिक ठोसों द्वारा दर्शाया जाता है और ठोस का घनत्व समान बना रहता है। |
फेरस ऑक्साइड के एक नमूने का वास्तविक सूत्र Fe0.93 O1.00 है। इस नमूने में Fe2+ धातु आयनों का अंश कितना है? इसमें किस प्रकार का नॉनस्टॉइकियोमितीय दोष है?
