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उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए। अन्तराकाशी

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प्रश्न

उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए।

अन्तराकाशी

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उत्तर

जब कुछ अवयवी कण (परमाणु अथवा अणु) अन्तराकोशी स्थल पर पाए जाते हैं तब उत्पन्न दोष अन्तराकाशी दोष कहलाता है। यह दोष पदार्थ के घनत्व को बढ़ाता है। अन्तराकाशी दोष अनआयनिक ठोसों में पाया जाता है। आयनिक ठोसों में सदैव विद्युत उदासीनता बनी रहनी चाहिए। इससे इनमें यह दोष दिखाई नहीं देता है।

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