Advertisements
Advertisements
प्रश्न
उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए।
अन्तराकाशी
Advertisements
उत्तर
जब कुछ अवयवी कण (परमाणु अथवा अणु) अन्तराकोशी स्थल पर पाए जाते हैं तब उत्पन्न दोष अन्तराकाशी दोष कहलाता है। यह दोष पदार्थ के घनत्व को बढ़ाता है। अन्तराकाशी दोष अनआयनिक ठोसों में पाया जाता है। आयनिक ठोसों में सदैव विद्युत उदासीनता बनी रहनी चाहिए। इससे इनमें यह दोष दिखाई नहीं देता है।
संबंधित प्रश्न
जब एक ठोस को गर्म किया जाता है तो किस प्रकार का दोष उत्पन्न हो सकता है? इससे कौन-से भौतिक गुण प्रभावित होते हैं और किस प्रकार?
निम्नलिखित किस प्रकार का स्टॉइकियोमीट्री दोष दर्शाते हैं?
ZnS
निम्नलिखित किस प्रकार का स्टॉइकियोमीट्री दोष दर्शाते हैं?
AgBr
समझाइए कि एक उच्च संयोजी धनायन को अशुद्धि की तरह मिलाने पर आयनिक ठोस में रिक्तिकाएँ किस प्रकार प्रविष्ट होती हैं?
उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए।
फ्रेंकेल दोष
उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए।
F-केन्द्र
ऐलुमिनियम घनीय निविड संकुलित संरचना में क्रिस्टलीकृत होता है। इसका धात्विक अर्द्धव्यास 125 pm है।
- एकक कोष्ठिका के कोर की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
- 1.0 cm3 ऐलुमिनियम में कितनी एकक कोष्ठिकाएँ होंगी?
AgBr (s) क्रिस्टल द्वारा निम्नलिखित में से कौन-से बिन्दु दोष प्रदर्शित किए जाते हैं?
- शॉट्की दोष
- फ्रेंकेल दोष
- धातु आधिक्य दोष
- धातु न्यूनता दोष
कॉलम I में दिए गए दोषों के प्रकारों को कॉलम II में दिए गए कथनों से सुमेलित कीजिए-
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) अशुद्ध दोष | (a) वह NaCl जिसमें F-केंद्र नामक ऋणायनिक स्थल उपस्थित हों |
| (ii) धातु आधिक्य दोष | (b) Fe3+ युक्त FeO |
| (iii) धातु न्यूनता दोष | (c) Sr2+ युक्त NaCl जिसमें कुछ धनायनी स्थल रिक्त हों |
फेरस ऑक्साइड के एक नमूने का वास्तविक सूत्र Fe0.93 O1.00 है। इस नमूने में Fe2+ धातु आयनों का अंश कितना है? इसमें किस प्रकार का नॉनस्टॉइकियोमितीय दोष है?
