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Question
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
मैं ______ बुलाए भी कहीं जा पहुँचता हूँ।
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Solution
मैं बिना बुलाए भी कहीं जा पहुँचता हूँ।
वाक्य:
गुड़िया के बिना घर में मन नहीं लगता।
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RELATED QUESTIONS
लिखो :
पर्यायवाची शब्द :

निम्नलिखित समोच्चारित भिन्नार्थक हिंदी शब्द का अर्थ लिखो तथा उन शब्द का अलग-अलग पूर्ण वाक्यों में प्रयोग कराे :
हार
वाक्य शुद्ध करके लिखो :
अरे रामू के बापू घोड़े बेचकर सो रहे हो
शब्द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्य लिखिए:
डायनासोर प्राणी अब दुर्लभ हो गए हैं।
शब्द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्य लिखिए:
पैसों का अपव्यय नहीं करना चाहिए।
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
मोह-ममता उन्हें अपने मार्ग से विचलित नहीं कर सकती थी।
शब्द-युग्म पूरे करते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए:
प्रचार
नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए
( )
निम्न वाक्य में कारक रेखांकित कर उनके नाम और चिह्न लिखकर पाठ से अन्य वाक्य खोजकर लिखिए:
अजीब आशंकाओं से परेशान हो उठा।
निम्न संधि का विग्रह कर उनके प्रकार लिखिए:
उपर्युक्त वाङ्मय दुष्कर एवं अत्यधिक दुर्लभ है।
सहायक क्रिया का वाक्य में प्रयोग कीजिए।
होना
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
मॉं आज अस्पताल जाएगी।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
सर्वेश ने परिश्रम किया और इस परिश्रम ने उसे सफल बना दिया।
निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द इस कहानी से ढूँढकर बताओ।

कविता (तूफानों से क्या डरना) में आए किन्हीं पॉंच शब्दों के विरुद्धार्थी शब्द लिखो।
चित्र देखकर विशेषणयुक्त शब्द बताओ और उनका वाक्यों में प्रयोग करो।
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निम्न विशेषण शब्द का अपने वाक्य में प्रयोग करके उनका प्रकार लिखो।

निम्न शब्दों के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
| शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
| मनुष्य | ||||
शब्द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-
| विग्रह | शब्द | विलोम |
| अप + कीर्ति | × |
शब्द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-
| विग्रह | शब्द | विलोम |
| सम् + मान | × |
शब्द के लिंग पहचानिए:
झरना = ______
शब्द पहेली से मुहावरे, कहावतें ढूँढ़िए। उनकी सूची बनाइए और अर्थ बताकर उनका अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए:-
| आँखों से | ईंट का | कमर | डूबते | हाथ | अँधेरा | होगा |
| ओखली में | ऊँट के | तोड़ना | तारा | तले | जवाब | चार |
| छाती | ओझल | को | जीरा | देना | निकालना | पत्थर से |
| चिराग | तिनके का | सहारा | होना | आरसी | मुँह में | देना |
| आँखों का | क्या | मात | कंगन को | सिर | देना | कलेजा |
| लालच | कचूमर | हाथ | आना | फुलाना | मुँह को | चाँद |
| जड़ से | बुरी | मलना | उखाड़ | बला | लगाना | देना |
| मुहावरे | कहावतें |
'दिवस का अवसान' पाठ्यपुस्तक में आए हुए ऐसे दस शब्द ढूँढ़िए जिनसे पाँच स्त्रीलिंग और पाँच पुल्लिंग शब्द बनते हों।
इस निबंध के अंश पढ़कर विदेशी, तत्सम, तद्भव शब्द समझिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच-पाँच शब्द ढूँढ़िए।
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कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है। हिंदी में कुछ शब्द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं। शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है। हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है। प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा। तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे। |
‘निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल’ इस कथन की सार्थकता स्पष्ट कीजिए ।
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
वह बाजार गया ______ उसे किताब खरीदनी थी।
नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:
| चिह्न | नाम | वाक्य |
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शुद्धीकरण - वाक्यों, शब्दों को शुद्ध रूप में लिखना ।
- शब्द या वाक्य में लिंग, वचन, सर्वनाम एवं विभक्तियों का उचित एवं सही ज्ञान होना अतिआवश्यक है।
- वाक्य में शब्दों का सही क्रम होना चाहिए।
- काल की उचित पहचान कर वाक्य निर्माण करना चाहिए।
- ध्वनि एवं मात्रा में भिन्नता नहीं आनी चाहिए।









