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Question
शब्द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्य लिखिए:
डायनासोर प्राणी अब दुर्लभ हो गए हैं।
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Solution
निरंतर प्रयास करते रहने से सफलता सुलभ ही मिल जाती है।
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निम्न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो
बादल
लिखो :
पर्यायवाची शब्द :

लकड़हारा और वन इस पाठ में प्रयुक्त कारक विभक्तियाँ ढूँढ़कर उनका वाक्यों में प्रयोग करो।
निम्न शब्द के पर्यायवाची शब्द लिखिए:

शब्द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्य लिखिए:
अमरु स्वभाव से अल्पभाषी है।
शब्द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्य लिखिए:
पैसों का अपव्यय नहीं करना चाहिए।
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
राजेश अभिमानी लड़का है।
नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए
( )
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
यह भोजन दस आदमी के लिए है।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
छिः! तुम झूठ बोलते हो।
सूचना, निर्देश, आदेश, अनुरोध, विनती के वाक्य विरामचिह्न सहित पढ़ो और समझो :
‘चंदामामा’ बालपत्रिका पढ़ो।
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
वाह उसने ताे तुम्हें अच्छा धोखा दिया
निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
| शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
| अन्य | भिन्न | |||
निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
| शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
| पर्ण | ||||
अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-
हिंदी शब्दों को, प्रयोग के आधार पर लेखन करना।
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
ऐसा एक भी मनुष्य नहीं जो संसार में कुछ न कुछ लाभकारी कार्य न कर सकता हो
शब्द के लिंग पहचानिए:
कमलिनी = ______
निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:
| संधि | संधि विच्छेद | संधि का प्रकार |
| ______ | नव + ऊढ़ा |
डायरी अंश पढ़िए और वाक्य के प्रकार ढूँढ़िए:
|
१० मई २०१७ (बुधवार) २० मई २०१७ (शनिवार) २१ मई २०१७ (रविवार) २२ मई २०१७ (सोमवार) २३ मई २०१७ (मंगलवार) २४ मई २०१७ |
उपरोक्त डायरी अंश के आधार पर निर्देश-१ के अनुसार वाक्य लिखिए तथा निर्देश-२ के अनुसार परिवर्तित करके लिखिए :-
| क्र. | निर्देश-१ | वाक्य | नि्देश-२ |
| १. | सयुंक्त वाक्य | बसों में बैठकर कुफरी, क्रिग नैनी और नालदेश की यात्रा के लिए गए। | मिश्र वाक्य |
| २. | सरल वाक्य | सयुंक्त वाक्य | |
| ३. | मिश्र वाक्य | सरल वाक्य | |
| ४. | विधानार्थक | निषेधार्थक | |
| ५. | प्रश्नार्थक | संकेतार्थक | |
| ६. | विस्मयार्थक | इच्छार्थक | |
| ७. | आज्ञार्थक | संदेहार्थक |
|
कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है। हिंदी में कुछ शब्द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं। शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है। हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है। प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा। तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे। |
उपर्युक्त अंश से पंद्रह शब्द ढूँढ़िए उनमें प्रत्यय लगाकर शब्दों को पुनः लिखिए।
विज्ञापन पढ़िए और शब्द युग्म ढूँढ़कर लिखिए:
|
खुश खबर ! खुश खबर !! खुश खबर !!! भारत के विविध राज्यों में हाथों से बनाई गई वस्तुओं की खरीदारी पर आकर्षक छूट ! साथ-ही-साथ विविध राज्यों के खाद्य व्यंजनों के ठेले (स्टॉल्स्) (गाँव-शहर के छोटे-बड़े, बाल-वृद्ध, महिला-पुरुष सभी प्रवेशः निःशुल्क |
रेखांकित शब्द के विलोम शब्द लिखकर नए वाक्य बनाइए।
बड़ी मुश्किल से उसकी आँख लगी ।
रेखांकित शब्द के विलोम शब्द लिखकर नए वाक्य बनाइए।
साेच समझकर व्यय करना चाहिए ।
रेखांकित शब्द के विलोम शब्द लिखकर नए वाक्य बनाइए।
हमें सदैव अपने लिए किए गए कामों के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए ।
रेखांकित शब्द के विलोम शब्द लिखकर नए वाक्य बनाइए।
पूर्व दिशा में सूर्योदय होता है।
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
व्यक्ति को हमेशा परोपकारी वृत्ति रखनी चाहिए।
निम्नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्द के स्थान पर सही शब्द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:
अब पछताए होत क्या जब बंदर चुग गए खेत।
निम्नलिखित मुहावरे को शुद्ध कीजिए।
घाट-घाट का खाना खाना
