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Question
अर्थ की दृष्टि से वाक्य परिवर्तित करके लिखिए :
सब तुमसे मिलने को उत्सुक हैं।

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Solution
१. सब तुमसे मिलने को उत्सुक हैं। – विधानार्थक वाक्य
२. तुमसे मिलने के लिए कोई उत्सुक नहीं है। – निषेधार्थक वाक्य
३. क्या सब तुमसे मिलने को उत्सुक हैं? – प्रश्नार्थक वाक्य
४. वाह! सब तुमसे मिलने को उत्सुक हैं। – विस्मयादिबोधक वाक्य
५. शायद सब तुमसे मिलने को उत्सुक होंगे। – संदेहार्थक वाक्य
६. तुम सबसे मिलो। – आज्ञार्थक वाक्य
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सजा – सज़ा
नाज – नाज़
जरा – ज़रा
तेज – तेज
निम्नलिखित वाक्यों में उचित शब्द भरकर वाक्य पूरे कीजिए-
- आजकल _________ बहुत खराब है। (जमाना/जमाना)
- पूरे कमरे को _________ दो। (सजा/सजा)
- _________ चीनी तो देना। (जरा/जरा)
- माँ दही _________ भूल गई। (जमाना/जमाना)
- दोषी को _________ दी गई। (सजा/सज़ा)
- महात्मा के चेहरे पर _________ था। (तेज/तेज़)
निम्न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो
नोट
निम्नलिखित शब्द का समानार्थी शब्द लिखो तथा उनका वाक्य में प्रयोग करो:
छाती
निम्न शब्द के पर्यायवाची शब्द लिखिए:

शब्द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्य लिखिए:
दसियों ने इस सुंदर प्रस्ताव का समर्थन किया।
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
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काँच का कार्य पर्यटकों को आश्चर्यचकित कर देता है।
सहायक क्रिया का वाक्य में प्रयोग कीजिए।
होना
निम्नलिखित शब्द के युग्म शब्द बताओ और वाक्य में उचित शब्दयुग्म लिखो:
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निम्नलिखित शब्द के युग्म शब्द बताओ और वाक्य में उचित शब्दयुग्म लिखो:
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निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
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सूचना, निर्देश, आदेश, अनुरोध, विनती के वाक्य विरामचिह्न सहित पढ़ो और समझो :
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| को | ______ |
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| को | ______ |
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| अरे! | ______ |
निम्न विशेषण शब्द का अपने वाक्य में प्रयोग करके उनका प्रकार लिखो।
पढ़ो :
विभिन्नता से जुड़ें हम
| दर्जी | गंधर्व |
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निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
| शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
| पर्ण | ||||
अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-
गत रविवार वह मुंबई जाएगा।
'दिवस का अवसान' पाठ्यपुस्तक में आए हुए ऐसे दस शब्द ढूँढ़िए जिनसे पाँच स्त्रीलिंग और पाँच पुल्लिंग शब्द बनते हों।
निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:
| संधि | संधि विच्छेद | संधि का प्रकार |
| उपर्युक्त | ______ + ______ |
वचन बदलिए।
कठिनाइयाँ = ______
डायरी अंश पढ़िए और वाक्य के प्रकार ढूँढ़िए:
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१० मई २०१७ (बुधवार) २० मई २०१७ (शनिवार) २१ मई २०१७ (रविवार) २२ मई २०१७ (सोमवार) २३ मई २०१७ (मंगलवार) २४ मई २०१७ |
उपरोक्त डायरी अंश के आधार पर निर्देश-१ के अनुसार वाक्य लिखिए तथा निर्देश-२ के अनुसार परिवर्तित करके लिखिए :-
| क्र. | निर्देश-१ | वाक्य | नि्देश-२ |
| १. | सयुंक्त वाक्य | बसों में बैठकर कुफरी, क्रिग नैनी और नालदेश की यात्रा के लिए गए। | मिश्र वाक्य |
| २. | सरल वाक्य | सयुंक्त वाक्य | |
| ३. | मिश्र वाक्य | सरल वाक्य | |
| ४. | विधानार्थक | निषेधार्थक | |
| ५. | प्रश्नार्थक | संकेतार्थक | |
| ६. | विस्मयार्थक | इच्छार्थक | |
| ७. | आज्ञार्थक | संदेहार्थक |
इस निबंध के अंश पढ़कर विदेशी, तत्सम, तद्भव शब्द समझिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच-पाँच शब्द ढूँढ़िए।
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कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है। हिंदी में कुछ शब्द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं। शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है। हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है। प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा। तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे। |
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
मन बड़ा दुस्साहसी था ।
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
व्यक्ति को हमेशा परोपकारी वृत्ति रखनी चाहिए।
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
मैं उसकी ______ न जाने क्यों आकर्षित हुआ।
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
लेखकों ______ वक्ताओं की न जाने क्या दुर्दशा होती।
