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Question
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
तितली के पास सुंदर पंख होते हैं।
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Solution
तितली के पंख सुंदर होते हैं।
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निम्न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो
तार
अर्थ के अनुसार वाक्यों के प्रकार ढूँढ़कर लिखो।
लिखो :
पर्यायवाची शब्द :

निम्नलिखित समोच्चारित भिन्नार्थक हिंदी शब्द का अर्थ लिखो तथा उन शब्द का अलग-अलग पूर्ण वाक्यों में प्रयोग कराे :
सुमन
निम्नलिखित शब्द का समानार्थी शब्द लिखो तथा उनका वाक्य में प्रयोग करो:
पथ
निम्नलिखित शब्द के आधार पर मुहावरे लिखकर उनका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
पानी
निम्नलिखित मुहावरा/कहावत में से अनुपयुक्त शब्द काटकर उपयुक्त शब्द लिखिए:
कमर बंद करना - .......... .......... ..........
निम्नलिखित शब्द के युग्म शब्द बताओ और वाक्य में उचित शब्दयुग्म लिखो:
धन - ______
अथक परिश्रम से उसने ______ कमाई।
निम्नलिखित शब्द के युग्म शब्द बताओ और वाक्य में उचित शब्दयुग्म लिखो:
______ - पहचान
समारोह में सभी ______ वालों को आमंत्रित किया।
अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :
इसे हिमालय क्यों कहते हैं ?
‘रमेश पुस्तक पढ़ता है।’ इस वाक्य को सभी काल में परिवर्तित करके भेदों सहित बताओ और लिखो।

निम्न विशेषण शब्द का अपने वाक्य में प्रयोग करके उनका प्रकार लिखो।

नीचे दिए गए वाक्यों के रेखांकित अंश पर ध्यान देते हुए उन्हें पढ़िए-
(क) निर्बल ही धन की ओर झुकता है।
(ख) लोग संयमी भी होते हैं।
(ग) सभी कुछ तो लेने को जी होता था।
ऊपर दिए गए वाक्यों के रेखांकित अंश ‘ही’, ‘भी’, ‘तो’ निपात हैं जो अर्थ पर बल देने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। वाक्य में इनके होने-न-होने और स्थान क्रम बदल देने से वाक्य के अर्थ पर प्रभाव पड़ता है, जैसे-
मुझे भी किताब चाहिए। (मुझे महत्त्वपूर्ण है।)
मुझे किताब भी चाहिए। (किताब महत्त्वपूर्ण है।)
आप निपात (ही, भी, तो) का प्रयोग करते हुए तीन-तीन वाक्य बनाइए। साथ ही ऐसे दो वाक्यों का निर्माण कीजिए जिसमें ये तीनों निपात एक साथ आते हों।
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
पहले मैंने बगीचा देखा फिर मैं एक टीले पर चढ़ गया और वहाँ से उतरकर सीधा इधर चला आया
निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
| शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
| अनुचर | ||||
अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-
मैं बात को हँसी से टाल गया।
शब्द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-
| विग्रह | शब्द | विलोम |
| + | उत्थान | × |
निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:
| संधि | संधि विच्छेद | संधि का प्रकार |
| दुश्चक्र | ______ + ______ |
वचन बदलिए।
एक = ______
पाठ (चेतना) में आए अव्ययों को ढूँढ़िए और उनके भेद बताकर वाक्य में प्रयोग कीजिए।
|
कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है। हिंदी में कुछ शब्द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं। शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है। हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है। प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा। तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे। |
उपर्युक्त अंश से पंद्रह शब्द ढूँढ़िए उनमें प्रत्यय लगाकर शब्दों को पुनः लिखिए।
‘सौ’ शब्द का प्रयोग करके कोई दो कहावतें लिखिए ।
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
व्यक्ति को हमेशा परोपकारी वृत्ति रखनी चाहिए।
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
जहाँ एक लड़का ______ देख रहा था।
कविता के दूसरे चरण का भावार्थ लिखिए।
रचना की दृष्टि से वाक्य पहचानकर अन्य एक वाक्य लिखिए:

शुद्धीकरण - वाक्यों, शब्दों को शुद्ध रूप में लिखना ।
- शब्द या वाक्य में लिंग, वचन, सर्वनाम एवं विभक्तियों का उचित एवं सही ज्ञान होना अतिआवश्यक है।
- वाक्य में शब्दों का सही क्रम होना चाहिए।
- काल की उचित पहचान कर वाक्य निर्माण करना चाहिए।
- ध्वनि एवं मात्रा में भिन्नता नहीं आनी चाहिए।
शब्द संपदा -
शब्दों के लिंग, वचन, विलोमार्थक, समानार्थी, पर्यायवाची, शब्दयुग्म, अनेक शब्दों के लिए एक शब्द, भिन्नार्थक शब्द, कठिन शब्दों के अर्थ, विरामचिह्न, उपसर्ग-प्रत्यय पहचानना/अलग करना, लय-ताल युक्त शब्द ।
निम्नलिखित मुहावरे के सही अर्थ का चयन कीजिए।
पाँचो अंगुलियाँ घी में होना
