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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 9th Standard

विकारी शब्‍द और उनके भेद संज्ञा - जातिवाचक संज्ञा व्यक्‍तिवाचक संज्ञा भाववाचक संज्ञा द्रव्यवाचक संज्ञा समूहवाचक संज्ञा सर्वनाम -  पुरुषवाचक सर्वनाम  निश्चयवाचक सर्वनाम  अनिश्चयवाचक

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Questions

विकारी शब्दों के भेदों पर चर्चा करें। 

Grammar
Long Answer
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Solution

  1. संज्ञा - किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव के नाम को संज्ञा कहते है।
    जैसे - सुंदरता, दिल्ली, मोहन,कलम आदि।
    1. जातिवाचक संज्ञा - जिस संज्ञा से किसी खास जाति अथवा वर्ग का बोध होता है, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं।
      जैसे- शहर, पेड़, पक्षी, पुरुष, कुत्ता आदि।
      उदाहरण:
      1. शेर जंगल का राजा होता है।
      2. मानव सबसे अधिक बुद्धिमान प्राणी है। 
    2. व्यक्‍तिवाचक संज्ञा - जिस संज्ञा से किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान का बोध होता है, उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं।
      जैसे- लखनऊ, सरिता गोदावरी, आदि।
      उदाहरण:
      1. रमेश और सुरेश प्रिय मित्र है
      2. गंगा भारत की सबसे पवित्र नदी है।
    3. भाववाचक संज्ञा - जिस संज्ञा से किसी व्यक्ति, वस्तु अथवा स्थान के गुण, स्वभाव, धर्म का बोध होता हैं, उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं।
      जैसे - दुश्मनी, वीरता, बुढ़ापा, स्वाद
      उदाहरण:
      1. तुम मुस्कुराते हुए बहुत अच्छी लगती हो।
      2. क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है।
    4. द्रव्यवाचक संज्ञा - वे संज्ञा शब्द जो वस्तु के द्रव्य का नाम बताते हैं, द्रव्यवाचक संज्ञा कहलाते हैं।
      जैसे - ताँबा, लोहां, सोना, पानी आदि।
      उदाहरण:
      1. गाड़ी में पेट्रोल ख़त्म हो गया है।
      2. चाय में अदरक डालने से चाय का स्वाद बढ़ जाता है। 
    5. समूहवाचक संज्ञा - वे संज्ञा शब्द जो समूह, समुदाय का बोध कराते हैं, उन्हेंसमूहवाचक संज्ञा कहते हैं।
      जैसे- गुच्छा, संस्था, सेना, भीड़, कक्षा आदि।
      उदाहरण:
      1. मेरे गांव में मेला लगा है।
      2. मेरी कक्षा के बच्चे घूमने जा रहे हैं।
  2. सर्वनाम - संज्ञा के स्थान पर प्रयोग में लाए जाने वाले विकारी शब्दों को सर्वनाम कहते हैं।
    जैसे - मैं, तुम, वह, कौन आदि।
    1. पुरुषवाचक सर्वनाम - जिस व्यक्ति के विषय में बोला या लिखा जाता हैं उसके बदले में आने वाले सर्वनाम को पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं।
      पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन प्रकार हैं -
      1. प्रथम पुरुषवाचक: (वक्ता) मैं और हम का प्रयोग होता है।
        उदाहरण: मैं घर जा रहा हूँ।
      2. मध्यम पुरुषवाचक: (वक्ता) तू, तुम या आप का प्रयोग होता है। उदाहरण: तुम आज घर आना।
      3. अन्य पुरुषवाचक: दो व्यक्ति जब किसी तीसरे व्यक्ति के विषय में बात करते हों।
        उदाहरण: वह भी घर पर आएगा।
    2. निश्चयवाचक सर्वनाम - जिसे सर्वनाम से किसी निश्चित व्यक्ति अथवा वस्तुका ज्ञान होता है, उसे निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं।
      उदाहरण:
      1. वह खाना खा रहा है।
      2. यह भारत का नक्शा है।
    3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम - जिस सर्वनाम से किसी व्यक्ति अथवा वस्तु का निश्चित ज्ञान न हो, उसे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं।
      उदाहरण:
      1. गवाह ने किसी को इधर-उधर छिपते हुए देखा।
      2. अधिकांश बच्चे चले गए, लेकिन उनमें से कई अभी भी यहां हैं।
    4. प्रश्नवाचक सर्वनाम - जिस सर्वनाम शब्द से किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के विषय में प्रश्न का बोध होता है, उसे प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं।
      उदाहरण:
      1. तुमने मुझे किस लिए बुलाया?
      2. तुम किस कारण से रो रहे हो?
    5. संबंधवाचक सर्वनाम - संबंधवाचक सर्वनाम वे हैं, जो एक शब्द का दूसरे से संबंध जोड़ते हैं।
      उदाहरण:
      1. वो बात जगह-जगह फैल गई।
      2. जिसकी लाठी उसकी भैंस।
  3. विशेषण - जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं।
    उदाहरण:
    राधा सुंदर है।
    मोहन अच्छा गाता है।
    1. गुणवाचक विशेषण - वे शब्द जो किसी संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, आकार, दशा आदि का ज्ञान करातें हैं, उन्हें गुणवाचक विशेषण कहते हैं।
      उदाहरण:
      1. वह बहुत डरपोक है।
      2. लोमड़ी बहुत लालची जानवर है।
    2. परिमाणवाचक विशेषण - जिन शब्दों से संज्ञा या सर्वनाम के माप-तौल या मात्रा का ज्ञान होता है, उन्हें परिमाणवाचयक विशेषण कहते हैं। 
      1. निश्चित परिमाणवाचक विशेषण - जिस शब्द से निश्चित माप-तौल का बोध हो, उसे निशिचत परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।
        उदाहरण:
        1. दो किलो अनाज दे दो।
        2. मेरे लिए एक किलो अंगूर ले आओ।
      2. अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण - जिस शब्द से अनिश्चित माप-तौल का बोध हो, उसे अनिशिचत परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।
        उदाहरण:
        1. मुकेश थोड़ा पानी ले आना।
        2. बहुत चाय है।
    3. संख्यावाचक विशेषण - जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की संख्या से संबंधित विशेषता का. बोध कराते हैं, उन्हें संख्यावाचक विशेषण कहते हैं। 
      1. निश्चित संख्यावाचक विशेषण - जिस शब्द से निश्चित, संख्या का बोध हो, उसे निश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते हैं।
        उदाहरण:
        1. मैं प्रत्येक दिन मार्केट से 10 अंडे लाता हूं।
        2. मेरे ऑफिस में 2,000 कर्मचारी हैं।
      2. अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण - जिस शब्द से अनिश्वित संख्या का बोध हो, उसे अनिशिचत संख्यावाचक विशेषण कहते हैं।
        उदाहरण:
        1. कुछ बालिकाएँ पढ़ाई कर रही हैं।
        2. कुछ बालक खेलने के लिए आ रहे हैं।
    4. सार्वनामिक विशेषण - जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग किसी संज्ञा की विशेषता बताने के लिए किया जाता है, उन्हें सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।
      उदाहरण:
      1. किस आदमी से बात कर रहे हो।
      2. मेरा भाई घर पहुंच गया है।
  4. क्रिया - जिस शब्द या शब्द-समूह से किसी कार्य के करने या होने अथवा किसी प्रकिया, किसी घटना के होने का बोध होता है, उसे क्रिया कहते हैं। 
    उदाहरण:
    वह बहुत बातें करती है।
    हमने खूब बातें कीं।
    1. सकर्मक क्रिया - जिन क्रियाओं के साथ उनको कर्म होता है, उन्हें सकर्मक क्रिया कहते हैं।
      जैसे - माया पत्र पढ़ती है।
      इसमें 'पढ़ना' क्रिया का फल पत्र (कर्म) पर पड़ता है अत: यह सकर्मक क्रिया है। इस वाक्य में 'क्या' प्रश्न करें कि मायां क्यों पढ़ती है? तो उत्तर मिलता है - पत्र। इसमें 'पत्र' कर्म है। अत: यह सकर्मक क्रिया हैं।
    2. अकर्मक क्रिया - जिन क्रियाओं के साथ उनका कर्म नहीं होता, वे अकर्मक क्रिया कहलाती हैं।
      जैसे - माया गाती है।
      इस वाक्य में 'गाती है' क्रिया है और इसका, कर्ता माया है। इसमें 'गाना' अकर्मक क्रिया है। यदि 'कौन' से प्रश्न करें कि 'कौन' गाता है? तो उत्तर मिलता हैं कि माया, जो कर्ता है। - इसमें 'क्या' से प्रश्न करने पर कोई उत्तर नहीं मिलता । अतः यह अकर्मक क्रिया है।
    3. संयुक्‍त क्रिया - जब दो या दो से अधिक क्रियाएँ मिलकर किसी पूर्ण क्रिया को बनाती हैं, तब वे संयुक्त क्रियाएँ कहलाती हैं।
       उदाहरण:
      1. विक्रम ने नाश्ता कर लिया है।
      2. वे स्टेडियम पहुँच चुके होंगे।
    4. प्रेणार्थक क्रिया - जहाँ कर्ता कार्य को स्वयं न करके किसी दूसरे से करवाता अथवा उसे क्रिया को करने की प्रेरणा देता है, वहाँ प्रेरणार्थक क्रिया होती है।
      उदाहरण:
      1. रामू धीरज से गाडी चलवाता है। 
      2. सुरेंदर राधा से खाना पकवाता है। 
    5. सहायक क्रिया - जो क्रियाएँ मुख्य क्रिया को काल-रचना में सहायक होती हैं, उन्हें सहायक क्रिया कहते हैं।
      उदाहरण:
      1. कल रात आधी रात तक हम पढ़ रहे थे।
      2. ओलिवर छह घंटे से गाड़ी चला रहा था
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व्याकरण
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Chapter 18: आलस का सुख - पाठ्य प्रश्न [Page 17]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Ekatmik [Hindi] Standard 7 Maharashtra State Board
Chapter 18 आलस का सुख
पाठ्य प्रश्न | Q ७. | Page 17
Balbharati Hindi Lokbharati [English] Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 3 व्याकरण विभाग
व्याकरण विभाग | Q (१) | Page 84

RELATED QUESTIONS

क्रिया का लिंग और वचन सामान्यतः कर्ता और कर्म के लिंग और वचन के अनुसार निर्धारित होता है। वाक्य में कर्ता और कर्म के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार जब क्रिया के लिंग, वचन आदि में परिवर्तन होता है तो उसे अन्विति कहते हैं।
क्रिया के लिंग, वचन में परिवर्तन तभी होता है जब कर्ता या कर्म परसर्ग रहित हों;
जैसे- सवार कारतूस माँग रहा था। (कर्ता के कारण)
सवार ने कारतूस माँगे। (कर्म के कारण)
कर्नल ने वज़ीर अली को नहीं पहचाना। (यहाँ क्रिया, कर्ता और कर्म किसी के भी कारण प्रभावित नहीं है)

अतः कर्ता और कर्म के परसर्ग सहित होने पर क्रिया कर्ता और कर्म से किसी के भी लिंग और वचन से प्रभावित नहीं होती और वह एकवचन पुल्लिंग में ही प्रयुक्त होती है। नीचे दिए गए वाक्यों में ‘ने’ लगाकर उन्हें दुबारा लिखिए-

  1. घोड़ा पानी पी रहा था।
  2. बच्चे दशहरे का मेला देखने गए।
  3. रॉबिनहुड गरीबों की मदद करता था।
  4. देशभर के लोग उसकी प्रशंसा कर रहे थे।

निम्‍न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो

आत्‍मा


निम्‍न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो 

तार


निम्‍न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो

दही


पाठों में आए अलग-अलग काल के वाक्‍य ढूँढ़कर उनका अन्य कालों में परिवर्तन करो।


रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए :

भारत की अलौकिकता सारे विश्व में फैली है।


रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:

फक्‍कड़ना लापरवाही और निर्मम अक्‍खड़ता उनके आत्‍मविश्वास का परिणाम थी।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

आओ सिंहासन में बैठो।


दिए गए अव्यय भेदों के वाक्‍य पाठ्‌यपुस्तक से ढूँढ़कर लिखिए:


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :

ताकत के लिए संतुलित आहार आवश्यक है।


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :

जन्म के बाद एक मामी जी ने मुझे गोद ले लिया।


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :

मैं लगातार चलता तो मंजिल पा लेता।


चित्र के आधार पर सभी कारकों का प्रयोग करके वाक्य लिखो:

  1. मछुआरे ने जाल फेंका।
  2. ------------------------
  3. ------------------------
  4. ------------------------
  5. ------------------------
  6. ------------------------
  7. ------------------------
  8. ------------------------

अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

इसे हिमालय क्यों कहते हैं ?


‘रमेश पुस्तक पढ़ता है।’ इस वाक्य को सभी काल में परिवर्तित करके भेदों सहित बताओ और लिखो।


वर्णमाला सुनाओ और विशेष वर्णों के उच्चारण पर ध्यान दो।


चित्र देखकर विशेषणयुक्त शब्द बताओ और उनका वाक्यों में प्रयोग करो।

______
______
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______

निम्नलिखित शब्दों का रोमन लिपि में लिप्यंतरण करो। 

  


चित्र के आधार पर काल संबंधी वाक्य बनाओ और समझो :


नीचे दिए वाक्यांशों में हुए भाषा के विशिष्ट प्रयोगों को पाठ के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।

  1. सीमाओं से खिलवाड़ करना
  2. समाज से दुरदुराया जाना
  3. सुदूर रूमानी संभावना
  4. सारी गरिमा सुई-चुभे गुब्बारे जैसे फुस्स हो उठेगी।
  5. जिसमें रोमांस हमेशा पंक्चर होते रहते हैं।

उचित विरामचिह्न लगाइए:-

दृश्य ३ रानी सिंहासन पर बैठी थी सेवक का प्रवेश


अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-

मैं बात को हँसी से टाल गया।


अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-

तुम मेरे मित्र हो, मैं आपको खूब जानता हूँ।


शब्‍द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:-

आँख


शब्‍द के लिंग पहचानिए:

झरना = ______


निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
______ दंत + ओष्ठ  

रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्‍द से कीजिए और नया वाक्‍य बनाइए:

मैं उसकी ______ न जाने क्यों आकर्षित हुआ।


नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
“.......”    

निम्नलिखित वाक्यों में से शुद्ध वाक्य का चयन कीजिए:


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