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Question

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Solution
- क्रियाविशेषण अव्यय - जो अव्यय क्रियाओं की विशेषता बताते हैं, उन्हें क्रियाविशेषण अव्यय कहते हैं। यह विशेषता स्थान, काल, रीति, परिमाण आदि से संबंधित होती है।
उदाहरण:- हमे यहां से आगे जाना है।
- वह परसो मिशिगन से आ गया।
- संबंधसूचक अव्यय - जो अव्यय संज्ञा या सर्वनाम के बाद आकर उसे संज्ञा या सर्वनाम का संबंध वाक्य के दूसरे शब्दों के साथ निर्धारित करेते हैं, उन्हें संबंधसूचक अव्यय कहते हैं।
उदाहरण:
- आज के जीवन में धन के बिना किसी का भी कार्य नहीं होता हैं।
- दिन भर बाहर घूमना अच्छा नहीं हैं।
- समुच्चयबोधक अव्यय - जो अव्यय एक वाक्य को दूसरे वाक्य से, एक शब्द-समूह को दूसरें शब्द-समूह से या एक शब्द को दूसरें शब्द से जोड़ते हैं, उन्हें समुच्चयबोधके अव्यय कहते हैं।
उदाहरण:- पढ़ाई करो अथवा सो जाओ।
- राम और श्याम भाई हैं।
- विस्मयादिबोधक अव्यय - जिन अव्ययों का संबंध वाक्य के किसी पद से नहीं होता, परंतु जो अव्यय केवल वक्ता के आनंद, भय, हर्ष, शोक, तिरस्कार, घृणा आदि भाव सूचित करते हैं, उन्हें विस्मयादिबोधक अव्यय कहते हैं।
उदाहरण:
- अरे ! आप कहा थे ?
- अहा ! यह बहुत अच्छा हुआ।
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RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित शब्द का समानार्थी शब्द लिखो तथा उनका वाक्य में प्रयोग करो :
मनुष्य
निम्न वृत्त में दिए संज्ञा तथा विशेषण शब्दों को छाँटकर तालिका में उचित स्थानों पर उनके भेद सहित लिखो :
- नदी
- पहाड़ी
- सीता
- वह लकड़हारा
- पानी
- चार किलो
- गरीबी
- ईमानदारी
- गंगा
- पालक
- दस
- चाँदी
- कोई
- सभा
- धनी
| संज्ञा | भेद | विशेषण | भेद |
| ______ | ______ | ______ | ______ |
| ______ | ______ | ______ | ______ |
| ______ | ______ | ______ | ______ |
| ______ | ______ | ______ | ______ |
| ______ | ______ | ______ | ______ |
| ______ | ______ | ______ | ______ |
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
पूर्णिमा के दिन चाँद परिपूर्णता लिए हुए था।
नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए
( )
नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए
।
निम्न संधि का विग्रह कर उनके प्रकार लिखिए:
उपर्युक्त वाङ्मय दुष्कर एवं अत्यधिक दुर्लभ है।
निम्नलिखित मुहावरे/कहावत में से अनुपयुक्त शब्द काटकर उपयुक्त शब्द लिखिए:
नाक - की - किरकिरी - होना - ______ - ______ - ______ - ______
निम्नलिखित वर्णों से समानार्थी और विरुद्धार्थी शब्दों की जोड़ियाँ ढूँढ़ो और अपने वाक्यों में प्रयोग करके कॉपी में लिखो:

दाएँ पंख में उपसर्ग तथा बाऍं पंख में प्रत्यय लगाकर शब्द लिखाे तथा उनके वाक्य बनाओ:
__________________
__________________
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :
गाड़ी धीरे-धीरे चल रही थी।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
सर्वेश ने परिश्रम किया और इस परिश्रम ने उसे सफल बना दिया।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
अरे! हम कहॉं आ गए ?
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
अरेरे! पेड़ गिर पड़ा।
सूचना, निर्देश, आदेश, अनुरोध, विनती के वाक्य विरामचिह्न सहित पढ़ो और समझो :
बगीचे के फल-फूल तोड़ना मना है।
नीचे दी गई संज्ञाओं का वाक्यों में प्रयोग करो।
१. पानी
२. भीड़
३. ईमानदारी
४. हाथी
५. भारत
मौन वाचन करो और आपस में श्रुतलेखन करो :
१. सेवा डॉक्टर का कर्तव्य है |
२. पौधे लगाओ, प्रदुषण हटाओ |
३. राष्ट्रीय संपदा, स्वच्छ रखें सर्वदा |
४. मक्खी, मच्छर भगाओ, रोग मिटाओ |
५. रक्तदान-जीवनदान, नेत्रदान-श्रेष्ट दान |
६. विश्वास रखो, अंधविश्वास नहीं |
७. बेईमानी ठुकराओ, ईमानदारी अपनाओ |
८. इंद्रधनुष के रंगों की तरह मिलकर रहो |

शब्द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए:-
मनुष्य
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
द्रव्य उपादान कारण शक्कर से मिठाई बनाई जाती है
निम्न वाक्य के उद्देश्य और विधेय पहचानकर लिखिए:-
हमारे पिता जी अध्यापन के क्षेत्र में कार्यरत थे।
निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:
| संधि | संधि विच्छेद | संधि का प्रकार |
| ______ | वाक् + जाल |
पाठ्यपुस्तक की पहली इकाई के ७ से १३ के पाठों से भेदों सहित सर्वनामों को ढूँढ़कर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
पाठ्यपुस्तक की दूसरी इकाई के ७ से १३ के पाठों से भेदों सहित क्रियाओं को ढूँढ़कर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
इस निबंध के अंश पढ़कर विदेशी, तत्सम, तद्भव शब्द समझिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच-पाँच शब्द ढूँढ़िए।
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कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है। हिंदी में कुछ शब्द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं। शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है। हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है। प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा। तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे। |
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
लेखकों ______ वक्ताओं की न जाने क्या दुर्दशा होती।
निम्नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्द के स्थान पर सही शब्द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:
टोपी पहनना
नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:
| चिह्न | नाम | वाक्य |
| – |
नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:
| चिह्न | नाम | वाक्य |
| — |

निम्नलिखित वाक्य में रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए एक सटीक मुहावरे का चयन कीजिए।
झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई ने शत्रु सेना के सामने ______ स्वीकार नहीं किया।
