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Question
निम्नलिखित वर्णों से समानार्थी और विरुद्धार्थी शब्दों की जोड़ियाँ ढूँढ़ो और अपने वाक्यों में प्रयोग करके कॉपी में लिखो:

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Solution

समानार्थी शब्दों की जोड़ियाँ:
पुष्प = फूल, कुसुम, सुमन
मेह = बादल, बारिश, जलधारा
हवा = पवन, समीर, वायु
पानी = जल, नीर, सरिता
समानार्थी शब्दों से बनने वाले वाक्य -
१. मंदिर में ईश्वर को पुष्प/फूल अर्पित करते हैं।
२. आसमान में काले मेह/बादल छाए हैं।
३. शीतल हवा/पवन बह रही है।
४. पानी/जल ही जीवन है।
विरुद्धार्थी शब्दों की जोड़ियाँ:
रात × दिन (प्रातः, सवेरा)
छोटा × बड़ा (विशाल, ऊँचा)
अस्त × उदय (प्रकट, उभार)
सम्मान × अपमान (तिरस्कार, अवमानना)
विरुद्धार्थी शब्दों से बनने वाले वाक्य -
१. भरत रात/दिन में अपना काम पूरा कर लेगा।
२. अजय का घर छोटा/बड़ा है।
३. सूर्य अस्त/उदय हो गया है।
४. अपने कर्मों से व्यक्ति सम्मान/अपमान प्राप्त करता है।
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| अप + कीर्ति | × |
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| संधि | संधि विच्छेद | संधि का प्रकार |
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पाठ्यपुस्तक की पहली इकाई के १ से ६ पाठों से भेदों सहित संज्ञाओं को ढूँढ़कर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
परिच्छेद पढ़िए और उसमें आए शब्दों के लिंग एवं वचन बदलकर लिखिए।
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मैं गाँव से शहर पढ़ने आता था। गाँव का मेरा एक मित्र भी था। सावन-भादों की बादलों से ढँकी रात में बीहड़ पानी बरसता है। पूरा सन्नाटा शेर की दहाड़ सरीखा गरज उठता है। छमाक से बिजलियाँ कड़कती हैं। माँ बच्चे को अपने छाती से चिपकाती है। हाँड़ी में उबलते दाल-भात के साथ उसकी उम्मीद भी पकती है। उसका श्रम पकता है। अंत में कभी-कभी माँ हाँड़ी में चिपके मुट्ठी भर बचे चावल खाती है। न जाने कहाँ से अपनी आँखों में इतनी तेज चमक पैदा कर लेती है कि भरे पेटवाले की आँखें चौंधियाँ जाती हैं। उसके त्याग और संतान की तृप्ति के पानी से उसकी साध लहलहाती है। बैलगाड़ी में बैठी संतान को छतरी की छाँव करती है। बस में बच्चा खिड़की के पास बैठा बाहर दृश्यों को देखता है और वह पूरी यात्रा बच्चे को देखती रहती है। सँभालती रहती है। रेल जब बोगदे के भीतर से गुजरती है, तो अनायास उसका हाथ बच्चे की बाँह पर चला जाता है और पिता का सामान पर। |
निम्न संवाद को पढ़िए, समझिए तथा कारक रेखांकित करके उनके चिह्नों के नाम लिखिए:-
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जंगल के राजा शेरसिंह टेलीविजन पर समाचार देख रहे थे, कई समाचार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के बारे में थे, वे इसके समाधान के लिए कुछ करना चाहते थे- |
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| शेरसिंह - | जंबो हाथी को बुलाया जाए। |
| सेवक - | जो आज्ञा महाराज। |
| जंबाे - | प्रणाम महाराज, आपने मुझे याद किया। |
| शेरसिंह - | जंगल में सड़क दुर्घटनाएँ बहुत बढ़ गई हैं। लोग नियमों से दूर जा रहे हैं। इससे मैं बहुत दुखी हूँ। |
| जंबो - | चिंता न करें, मैं इस मामले में आपकी सहायता करूँगा। मुझे रिपोर्ट बनाने के लिए समय दें। |
| शेरसिंह - | जंबो ! तुम पूरा समय लो। (कुछ दिनों बाद रिपोर्ट लेकर जंबो पहुँचा।) |
| जंबो - | महाराज, जंगल निवासी ट्रैफिक के नियमों का पालन नहीं करते हैं। |
| शेरसिंह - | ठीक है, हम नागरिकों से ट्रैफिक के नियमों का सख्ती से पालन करवाएँगे। |
| जंबो - | दोपहिया चलाने वालों को हेल्मेट पहनना और कार चलाने वालों को सीट बेल्ट बांधना अनिवार्य कर सकते हैं। |
| शेरसिंह - | विद्यालयों, अस्पतालों और पार्किंगवाले स्थानों के पास गति सीमा को बताने वाले चिह्नों को क्यों न लगा दिया जाए? |
| जंबो - | महाराज, साइकिल चलाने वालों और पैदल चलने वालों के लिए आप एक अलग से रास्ता बनवा सकते हैं। |
| शेरसिंह - | तुम्हारी सलाह के लिए तुम्हें धन्यवाद। |
| क्र. | कारक | कारक चिह्न |
डायरी अंश पढ़िए और वाक्य के प्रकार ढूँढ़िए:
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१० मई २०१७ (बुधवार) २० मई २०१७ (शनिवार) २१ मई २०१७ (रविवार) २२ मई २०१७ (सोमवार) २३ मई २०१७ (मंगलवार) २४ मई २०१७ |
उपरोक्त डायरी अंश के आधार पर निर्देश-१ के अनुसार वाक्य लिखिए तथा निर्देश-२ के अनुसार परिवर्तित करके लिखिए :-
| क्र. | निर्देश-१ | वाक्य | नि्देश-२ |
| १. | सयुंक्त वाक्य | बसों में बैठकर कुफरी, क्रिग नैनी और नालदेश की यात्रा के लिए गए। | मिश्र वाक्य |
| २. | सरल वाक्य | सयुंक्त वाक्य | |
| ३. | मिश्र वाक्य | सरल वाक्य | |
| ४. | विधानार्थक | निषेधार्थक | |
| ५. | प्रश्नार्थक | संकेतार्थक | |
| ६. | विस्मयार्थक | इच्छार्थक | |
| ७. | आज्ञार्थक | संदेहार्थक |
‘शिक्षक दिवस’ पर उत्कृष्ट कार्य हेतु विद्यालय द्वारा शिक्षक को सम्मानपत्र देकर उनका अभिनंदन किया जा रहा है। इस सम्मानपत्र से अव्यय ढूँढ़कर उनसे अन्य वाक्य बनाइए:-
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सम्मानपत्र श्री/श्रीमती. ______ आज डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्म दिन ‘शिक्षक दिवस’ पर आयोजित अभिनंदन समारोह में हम आपको अपने बीच पाकर हर्षित व गौरवान्वित हैं। आपके मार्गदर्शन में प्राप्त उपलब्धियों पर संपूर्ण विद्यालय, परिवेश व समाज को गर्व है। आपने न केवल विद्यार्थियों की बहुमुखी प्रतिभा और असाधारण योग्यता को उभारा वरन प्रेणाप्रद सफलता भी दिलवाई। आपके इस कार्य तथा आपके अन्य अति विशिष्ट कार्यों के लिए विद्यालय आप का अभिनंदन करते हुए गर्व का अनुभव करता। आपके सहयोग से विद्यालय का विकास अक्षुण्ण होता रहा है। हे! गुरुवर्य, आप सदैव स्वस्थ-संपन्न रहें एवं दीर्घायु हों, ऐसी हम सबकी आत्मिक कामना है। अनंत हार्दिक शुभकामनाओं सहित ... दिनांक:- ५ सितंबर २०१७ शिक्षक दिवस विद्यालय प्रमुख |
निर्देशानुसार अव्यय परिवर्तित करके लिखिए:-
| क्र. | अव्यय भेद | अव्यय शब्द | अन्य वाक्य |
| 1. | क्रिया विशेषण | ||
| 2. | संबंध बोध | ||
| 3. | समुच्चय बोधक | ||
| 4. | विस्मयादि बोधक वाचक |
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
मानो मुझे अपमानित कर रहा हो।
निम्नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्द के स्थान पर सही शब्द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:
अदरक क्या जाने बंदर का स्वाद।
निम्नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्द के स्थान पर सही शब्द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:
अब पछताए होत क्या जब बंदर चुग गए खेत।
