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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 9th Standard

निम्न संधि का विग्रह कर उनके प्रकार लिखिए: उपर्युक्त वाङ्मय दुष्कर एवं अत्यधिक दुर्लभ है।

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Question

निम्न संधि का विग्रह कर उनके प्रकार लिखिए:

उपर्युक्त वाङ्मय दुष्कर एवं अत्यधिक दुर्लभ है।

Chart
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Solution

शब्द विग्रह संधि प्रकार
उपर्युक्त उपरि + उक्त इ + उ स्वर संधि
वाङ्मय वाक् + मय क् + म व्यंजन संधि
दुष्कर दु: + कर दु; + क विसर्ग संधि
अत्यधिक अति + अधिक इ + अ स्वर संधि
दुर्लभ दु: + लभ दुः + ल विसर्ग संधि
shaalaa.com
व्याकरण
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Chapter 1.08: वीरभूमि पर कुछ दिन - स्वाध्याय [Page 31]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Lokbharati Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 1.08 वीरभूमि पर कुछ दिन
स्वाध्याय | Q (२) ५. | Page 31

RELATED QUESTIONS

क्रिया का लिंग और वचन सामान्यतः कर्ता और कर्म के लिंग और वचन के अनुसार निर्धारित होता है। वाक्य में कर्ता और कर्म के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार जब क्रिया के लिंग, वचन आदि में परिवर्तन होता है तो उसे अन्विति कहते हैं।
क्रिया के लिंग, वचन में परिवर्तन तभी होता है जब कर्ता या कर्म परसर्ग रहित हों;
जैसे- सवार कारतूस माँग रहा था। (कर्ता के कारण)
सवार ने कारतूस माँगे। (कर्म के कारण)
कर्नल ने वज़ीर अली को नहीं पहचाना। (यहाँ क्रिया, कर्ता और कर्म किसी के भी कारण प्रभावित नहीं है)

अतः कर्ता और कर्म के परसर्ग सहित होने पर क्रिया कर्ता और कर्म से किसी के भी लिंग और वचन से प्रभावित नहीं होती और वह एकवचन पुल्लिंग में ही प्रयुक्त होती है। नीचे दिए गए वाक्यों में ‘ने’ लगाकर उन्हें दुबारा लिखिए-

  1. घोड़ा पानी पी रहा था।
  2. बच्चे दशहरे का मेला देखने गए।
  3. रॉबिनहुड गरीबों की मदद करता था।
  4. देशभर के लोग उसकी प्रशंसा कर रहे थे।

निम्‍न विरामचिन्ह का नाम लिखकर उनका वाक्‍य में प्रयोग करो :

।


निम्‍न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो 

पुस्‍तक


वाक्‍य शुद्ध करके लिखो :

तुम्‍हारे दाने कहा है


पाठ में प्रयुक्‍त उद्‌धरण, सुवचन, मुहावरे, कहावतें, आलंकारिक शब्‍द आदि की सूची बनाकर अपने लेखन प्रयोग हेतु संकलन करो।


नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए

; 


सहायक क्रिया का वाक्‍य में प्रयोग कीजिए।

होना


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :

जलाशय चॉंदी की भाँति चमचमा रहा था।


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :

मुझे सौ-सौ के नोट देने पड़े क्योंकि दुकानदार के पास दो हजार के नोट के छुट्टे नहीं थे।


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :

अरेरे! पेड़ गिर पड़ा।


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

बच्चे हँसते-हँसते खेल रहे थे।


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

इसे हिमालय क्यों कहते हैं ?


चित्र के आधार पर काल संबंधी वाक्य बनाओ और समझो :


मौन वाचन करो और आपस में श्रुतलेखन करो :

१. सेवा डॉक्टर का कर्तव्य है |

२. पौधे लगाओ, प्रदुषण हटाओ |

३. राष्ट्रीय संपदा, स्वच्छ रखें सर्वदा |

४. मक्खी, मच्छर भगाओ, रोग मिटाओ |

५. रक्तदान-जीवनदान, नेत्रदान-श्रेष्ट दान |

६. विश्वास रखो, अंधविश्वास नहीं |

७. बेईमानी ठुकराओ, ईमानदारी अपनाओ |

८. इंद्रधनुष के रंगों की तरह मिलकर रहो |


नीचे दिए गए वाक्यों के रेखांकित अंश पर ध्यान देते हुए उन्हें पढ़िए-

(क) निर्बल ही धन की ओर झुकता है।

(ख) लोग संयमी भी होते हैं।

(ग) सभी कुछ तो लेने को जी होता था।

ऊपर दिए गए वाक्यों के रेखांकित अंश ‘ही’, ‘भी’, ‘तो’ निपात हैं जो अर्थ पर बल देने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। वाक्य में इनके होने-न-होने और स्थान क्रम बदल देने से वाक्य के अर्थ पर प्रभाव पड़ता है, जैसे-

मुझे भी किताब चाहिए। (मुझे महत्त्वपूर्ण है।)
मुझे किताब भी चाहिए। (किताब महत्त्वपूर्ण है।)

आप निपात (ही, भी, तो) का प्रयोग करते हुए तीन-तीन वाक्य बनाइए। साथ ही ऐसे दो वाक्यों का निर्माण कीजिए जिसमें ये तीनों निपात एक साथ आते हों।


उत्तर लिखिए :

द्वितीय तथा चतुर्थ चरण
की मात्राएँ _____ हैं।
← नित नूतन मंगल पुरमाही।
निमिष सरिसदिन-जामिनि जाहीं।।
बड़े भोर भूपति मणिजागे।
जाचक गुनगन गावन लागे।।
→ यह ____ छंद है।

निम्न पत्र में आए कालों के वाक्यों को ढूँढ़कर लिखिए तथा निर्देशानुसार परिवर्तित करके पुनः लिखिए:-

धन्यवाद पत्र

______ घर क्र.

______ ग्राम/शहर

______ जिला

दिनांक ______

सम्माननीय .................... जी

        सादर नमस्कार।

      मैं आपको नहीं जानता। आप मुझे नहीं जानते। मेरे और आपके बीच एक ही नाता है - एक भले इनसान का। मैं आपके द्वारा भिजवाई गई अटैची को पाकर हृदय से कृतज्ञ हूँ। मेरा रोम-रोम आपको शुभकामना दे रहा है।

      मैं रेलगाड़ी में भूली हुई अटैची के कारण बहुत परेशान था। मेरे सारे सर्टीफिकेट, पैसे, महत्त्वपूर्ण कागजात उस अटैची में थे। पिछले तीन दिनों की अथक कोशिश के बाद मेरा मन निराश हो चुका था। मुझे लगने लगा था कि जैसे इस दुनिया में ईमानदारी बची ही नहीं है परंतु आपने मेरी अटैची अपने बेटे के हाथों भेजकर मेरी सारी निराशा को आशा में बदल दिया। तब से मैं बहुत प्रसन्न हूँ।

      मान्यवर! आपकी ईमानदारी ने सचमुच मुझे नया विश्वास दिया है। आप विश्वास रखिए, भविष्य में मैं किसी की भी परेशानी दूर करने का प्रयास करूँगा।
      मैंने अटैची देख ली है। एक-एक वस्तु यथास्थान सुरक्षित है। आपका हृदय से धन्यवाद।

भवदीय
______

 

क्रम. काल वाक्य काल परिवर्तित वाक्य
१. सामान्य भूतकाल   सामान्य वर्तमान काल  
२. सामान्य वर्तमान काल   सामान्य भविष्यकाल  
३. सामान्य भविष्यकाल   पूर्ण भूतकाल  
४. अपूर्ण वर्तमान काल   अपूर्ण भूतकाल  
५. पूर्ण भूतकाल   सामान्य वर्तमान काल  

उचित विरामचिह्न लगाइए:-

होनहार बिरवान के होत चीकने पात


निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्‍द रिक्‍त स्‍थान में लिखिए:-

शब्द पर्यायवाची शब्द
  अरण्य      

निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्‍द रिक्‍त स्‍थान में लिखिए:-

शब्द पर्यायवाची शब्द
  पर्ण      

शब्‍द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:-

ज्‍योति


उचित विरामचिह्न लगाइए:-

सूर्य अस्त हुआ आकाश लाल हुआ वराह पोखरों से उठकर घूमने लगे हिरन हरियाली पर सोने लगे और जंगल में धीरे धीरे अँधेरा फैलने लगा


उचित विरामचिह्न लगाइए:-

द्रव्य उपादान कारण शक्कर से मिठाई बनाई जाती है


उचित विरामचिह्न लगाइए:-

अनुवादित अनूदित ग्रंथ कुटीर


शब्‍द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-

विग्रह शब्द विलोम
+ अभ्‍युत्‍थान ×

पाठ्यपुस्‍तक की पहली इकाई के ७ से १३ के पाठों से भेदों सहित सर्वनामों को ढूँढ़कर उनका वाक्‍यों में प्रयोग कीजिए।


परिच्छेद से समुच्च्यबोधक अव्यय ढूँढकर लिखिए।

           भारत में आकर हालात फिर वही थे। एवरेस्‍ट के लिए जितने पैसे आवश्यक थे उतने मेरे पास नहीं थे। आखिर मेरे पिता जी ने अपना घर गिरवी रखा। माँ और बहनों ने अपने गहने बेच दिए और जीजा जी ने ऋण ले लिया। सब कुछ दाँव पर लगाकर मैं एवरेस्‍ट चढ़ाई के लिए निकल पड़ा।

           काठमांडू से एवरेस्‍ट जाते समय ‘नामचे बाजार’ से एवरेस्‍ट शिखर का प्रथम दर्शन हुए। मैंने पुणे की टीम ‘सागरमाथा गिर्यारोहण संस्‍था’ के साथ इस मुहीम पर था। बहुत जल्‍द हमने १९००० फीट पर स्‍थित माउंट आयलैड शिखर पर चढ़ाई की। इसके बाद हम एवरेस्‍ट बेसकैंप में पहुँचे। चढ़ाई के पहले पड़ाव पर सागरमाथा संस्‍था के अध्यक्ष रमेश गुळवे जी को पक्षाघात का दौरा पड़ा। उन्हें वैद्यकीय उपचार के लिए काठमांडू से पूना ले गए किंतु उनका देहांत हो गया। मैं और मेरे सााथियों पर मानो दुख का एवरेस्‍ट ही टूट पड़ा। फिर भी हमने आगे बढ़ने का निर्णय लिया।


रेखांकित शब्‍द के विलोम शब्‍द लिखकर नए वाक्य बनाइए।

कांति को कमला पर विश्वास था।


रेखांकित शब्‍द के विलोम शब्‍द लिखकर नए वाक्य बनाइए।

साेच समझकर व्यय करना चाहिए ।


नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
{ }    

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