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Question
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
पराधीन को स्वप्न में भी सुख नहीं मिलता
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Solution
पराधीन को स्वप्न में भी सुख नहीं मिलता।
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पाठ में आए ‘से’ के विभिन्न प्रयोगों से वाक्य की संरचना को समझिए।
(क) राजकपूर ने एक अच्छे और सच्चे मित्र की हैसियत से शैलेंद्र को फ़िल्म की असफलता के खतरों से आगाह भी किया।
(ख) रातें दसों दिशाओं से कहेंगी अपनी कहानियाँ।
(ग) फ़िल्म इंडस्ट्री में रहते हुए भी वहाँ के तौर-तरीकों से नावाकिफ़ थे।
(घ) दरअसल इस फ़िल्म की संवेदना किसी दो से चार बनाने के गणित जानने वाले की समझ से परे थी।
(ङ) शैलेंद्र राजकपूर की इस याराना दोस्ती से परिचित तो थे।
लिखो :
पर्यायवाची शब्द :

रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
पूर्णिमा के दिन चाँद परिपूर्णता लिए हुए था।
निम्नलिखित कारकों का अपने वाक्यों में प्रयोग करो।
| ने | ______ |
| को | ______ |
| से | ______ |
| को | ______ |
| से | ______ |
| का, की, के | ______ |
| में, पर | ______ |
| अरे! | ______ |
शब्द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए:-
मनुष्य
शब्द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-
| विग्रह | शब्द | विलोम |
| दुः + भाग्य | × |
पाठ्यपुस्तक के पाठ (सच का सौदा) से बीस विशेष शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
लेखकों ______ वक्ताओं की न जाने क्या दुर्दशा होती।
नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:
| चिह्न | नाम | वाक्य |
| ; |
निम्नलिखित मुहावरे को शुद्ध कीजिए।
घाट-घाट का खाना खाना
