Advertisements
Advertisements
Question
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
पराधीन को स्वप्न में भी सुख नहीं मिलता
Advertisements
Solution
पराधीन को स्वप्न में भी सुख नहीं मिलता।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
क्रिया का लिंग और वचन सामान्यतः कर्ता और कर्म के लिंग और वचन के अनुसार निर्धारित होता है। वाक्य में कर्ता और कर्म के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार जब क्रिया के लिंग, वचन आदि में परिवर्तन होता है तो उसे अन्विति कहते हैं।
क्रिया के लिंग, वचन में परिवर्तन तभी होता है जब कर्ता या कर्म परसर्ग रहित हों;
जैसे- सवार कारतूस माँग रहा था। (कर्ता के कारण)
सवार ने कारतूस माँगे। (कर्म के कारण)
कर्नल ने वज़ीर अली को नहीं पहचाना। (यहाँ क्रिया, कर्ता और कर्म किसी के भी कारण प्रभावित नहीं है)
अतः कर्ता और कर्म के परसर्ग सहित होने पर क्रिया कर्ता और कर्म से किसी के भी लिंग और वचन से प्रभावित नहीं होती और वह एकवचन पुल्लिंग में ही प्रयुक्त होती है। नीचे दिए गए वाक्यों में ‘ने’ लगाकर उन्हें दुबारा लिखिए-
- घोड़ा पानी पी रहा था।
- बच्चे दशहरे का मेला देखने गए।
- रॉबिनहुड गरीबों की मदद करता था।
- देशभर के लोग उसकी प्रशंसा कर रहे थे।
कविता (सौहार्द-सौमनस्य) में प्रयुक्त विलोम शब्दों की जोड़ियाँ लिखो।
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
पूर्णिमा के दिन चाँद परिपूर्णता लिए हुए था।
अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :
बच्चे हँसते-हँसते खेल रहे थे।
निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
| शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
| सुगंध | ||||
पाठ्यपुस्तक की पहली इकाई के १ से ६ पाठों से भेदों सहित संज्ञाओं को ढूँढ़कर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
प्रत्यययुक्त शब्द लिखिए।
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
______ ! क्या बात।
नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:
| चिह्न | नाम | वाक्य |
| । |
चुनाव में अपनी करारी हार देखकर नेताजी के पाँव तले ______ खिसक गई।
