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प्रश्न
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
पराधीन को स्वप्न में भी सुख नहीं मिलता
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उत्तर
पराधीन को स्वप्न में भी सुख नहीं मिलता।
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निम्न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो
तकिया
पाँच-पाँच सहायक और प्रेरणार्थक क्रियाओं का अपने स्वतंत्र वाक्यों में प्रयोग करो।
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
केवल एक ही प्रतिद्वंद्वी जानता है, तुलसीदास।
शब्द-युग्म पूरे करते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए:
उधड़े
सहायक क्रिया का वाक्य में प्रयोग कीजिए।
होना
दिए गए अव्यय भेदों के वाक्य पाठ्यपुस्तक से ढूँढ़कर लिखिए:

निम्नलिखित शब्द को लेकर चार मुहावरे लिखो।
हाथ
१. ______
२. ______
३. ______
४. ______
नीचे दिए गए वाक्यों के रेखांकित अंश पर ध्यान देते हुए उन्हें पढ़िए-
- निर्बल ही धन की ओर झुकता है।
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ऊपर दिए गए वाक्यों के रेखांकित अंश 'ही', 'भी', तो निपात हैं जो अर्थ पर बल देने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। वाक्य में इनके होने-न-होने और स्थान क्रम बदल देने से वाक्य के अर्थ पर प्रभाव पड़ता है, जैसे-
मुझे भी किताब चाहिए। (मुझे महत्त्वपूर्ण है।)
मुझे किताब भी चाहिए। (किताब महत्त्वपूर्ण है।)
आप निपात (ही, भी, तो) का प्रयोग करते हुए तीन-तीन वाक्य बनाइए। साथ ही ऐसे दो वाक्यों का निर्माण कीजिए जिसमें ये तीनों निपात एक साथ आते हों।
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
मैं ______ बुलाए भी कहीं जा पहुँचता हूँ।

