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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 9th Standard

दिए गए अव्यय भेदों के वाक्‍य पाठ्‌यपुस्तक से ढूँढ़कर लिखिए: अव्यय क्रियाविशेषण अव्यय समुच्चयबोधक अव्यय संबंधबोधक अव्यय विस्‍मयादिबोधक अव्यय

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Question

दिए गए अव्यय भेदों के वाक्‍य पाठ्‌यपुस्तक से ढूँढ़कर लिखिए:

Chart
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Solution

१. क्रियाविशेषण अव्यय

अ. आज के दिन तुम्हें छुट्टी दे दूँ?

ब. हेतू बार-बार आँसू छिपाने का यत्न करता।

२. समुच्चयबोधक अव्यय

अ. दोनों इस नतीजे पर पहुँचे कि इस वक्त चुप हो जाना ही ठीक है।

ब. उसकी तनख्वाह रोक ली जाए और उसेजाने दिया जाए।

३. संबंधबोधक अव्यय

अ. मुंडन के बाद इसका इलाज सोचेंगे।

ब. श्रीमान सड़क पार करके हेतू के सामने जा खड़े हुए।

४. विस्मयादिबोधक अव्यय

अ. वाह जी! सौ-पचास की चीज ले गया तो बीस रुपए तनख्वाह की वह चिंता करेगा।

ब. अरे! तू कहाँ था इतने दिन?

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व्याकरण
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Chapter 2.07: शिष्‍टाचार - स्वाध्याय [Page 69]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Lokbharati Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 2.07 शिष्‍टाचार
स्वाध्याय | Q (१) | Page 69

RELATED QUESTIONS

निम्‍न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो 

तकिया


निम्‍नलिखित शब्द का समानार्थी शब्‍द लिखो तथा उनका वाक्य में प्रयोग करो :

पृथ्‍वी


नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए

!


प्रेरणार्थक क्रिया का रूप पहचानकर उसका वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:

जिसे वहाँ से जबरन हटाना पड़ता था।


अर्थ की दृष्‍टि से वाक्‍य परिवर्तित करके लिखिए :

सब तुमसे मिलने को उत्सुक हैं।


निम्नलिखित शब्दों के लिंग बदलो और वाक्य बनाकर लिखो: 

१. चाचा जी प्रकल्प में मेरा मार्गदर्शन करते हैं।

५. ______________________________ 

२. ______________________________

६. ______________________________
३. ______________________________ ७. ______________________________

४. ______________________________

८. ______________________________

निम्नलिखित वाक्य को पढ़ो और मोटे अक्षर में छपे शब्द पर ध्यान दो, पढ़कर उद्देश्य-विधेय अलग करके लिखो:

हिलामय देश का गौरव है।


दाएँ पंख में उपसर्ग तथा बाऍं पंख में प्रत्यय लगाकर शब्द लिखाे तथा उनके वाक्य बनाओ:

 

__________________

__________________


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :

शौनक बड़ी बहन के साथ विद्यालय जाने की तैयारी में लग गया।


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :

वाह! क्या रंग-बिरंगी छटा है।


‘रमेश पुस्तक पढ़ता है।’ इस वाक्य को सभी काल में परिवर्तित करके भेदों सहित बताओ और लिखो।


सूचना, निर्देश, आदेश, अनुरोध, विनती के वाक्य विरामचिह्‌न सहित पढ़ो और समझो :

बगीचे के फल-फूल तोड़ना मना है।


सूचना, निर्देश, आदेश, अनुरोध, विनती के वाक्य विरामचिह्‌न सहित पढ़ो और समझो :

बच्चों ने कहा, ‘‘कृपया हमें अंतरिक्ष के बारे में बताऍं।’’


निम्नलिखित कारकों का अपने वाक्यों में प्रयोग करो।

ने ______
को ______
से ______
को ______
से ______
का, की, के ______
में, पर ______
अरे! ______

नीचे दिए वाक्यांशों में हुए भाषा के विशिष्ट प्रयोगों को पाठ के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।

  1. सीमाओं से खिलवाड़ करना
  2. समाज से दुरदुराया जाना
  3. सुदूर रूमानी संभावना
  4. सारी गरिमा सुई-चुभे गुब्बारे जैसे फुस्स हो उठेगी।
  5. जिसमें रोमांस हमेशा पंक्चर होते रहते हैं।

निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्‍द रिक्‍त स्‍थान में लिखिए:-

शब्द पर्यायवाची शब्द
  पर्ण      

शब्द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:-

बर्फीला


शब्‍द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:-

ज्‍योति


शब्‍द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:-

अनेक


निम्‍न वाक्‍य के उद्देश्य और विधेय पहचानकर लिखिए:-

हमें स्‍कूली शिक्षा में संगीत सबसे पहले सिखाई जाती है।


निम्‍न वाक्‍य के उद्देश्य और विधेय पहचानकर लिखिए:-

गायन में अलाप और तानों का महत्‍त्‍व होता है।


निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
ब्रह्मर्षि
______ + ______  

निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
महौषधि ______ + ______  

निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
उपर्युक्त ______ + ______  

कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है।

हिंदी में कुछ शब्‍द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्‍दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्‍द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्‍कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्‍कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्‍दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं।

शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है।

हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्‌धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है।

प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा।

तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे।

उपर्युक्‍त अंश से पंद्रह शब्‍द ढूँढ़िए उनमें प्रत्‍यय लगाकर शब्‍दों को पुनः लिखिए।


रेखांकित शब्‍द के विलोम शब्‍द लिखकर नए वाक्य बनाइए।

हमें सदैव अपने लिए किए गए कामों के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए ।


शब्‍द-युग्‍म पूरे करते हुए वाक्‍य में प्रयोग कीजिए।

ज्ञान-


रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्‍द से कीजिए और नया वाक्‍य बनाइए:

मैं उसकी ______ न जाने क्यों आकर्षित हुआ।


नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
!    

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