English
Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 9th Standard

दिए गए अनुसार रचना की दृष्‍टि से सरल, संयुक्‍त, मिश्र अन्य वाक्‍य पाठ से खोजकर तालिका पूर्ण कीजिए: संयक्‍तु वाक्य मैंने एक दुबला-पतला व्यक्ति देखा । कैलाश ने ऊपर- नीचे झाँका ।

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Question

दिए गए अनुसार रचना की दृष्‍टि से सरल, संयुक्‍त, मिश्र अन्य वाक्‍य पाठ से खोजकर तालिका पूर्ण कीजिए:

Chart
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Solution

सरल वाक्य:

३. तुम खयाली पुलाव पका रहे हो।

४. उसी संध्या को लाला दीनदयाल पधारें।

संयुक्त वाक्य:

३. हेमंत-अमिता स्कूल गए थे और उसे जगह करनी थी।

४. कटोरा ले लिया गया और रेफ्रीजरेटर में रख दिया गया।

मिश्र वाक्य:

३. जिसके सब उत्तर ठीक है, उन दो भाग्यवानों में से एक मैं हूँ।

४. दुख तो इस बात का था कि हमारे घर की प्राइवेसी छिन गई थी। 

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व्याकरण
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Chapter 2.03: इनाम - भाषा बिंदु [Page 52]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Lokbharati [English] Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 2.03 इनाम
भाषा बिंदु | Q (१) | Page 52

RELATED QUESTIONS

निम्‍न विरामचिन्ह का नाम लिखकर उनका वाक्‍य में प्रयोग करो :


निम्‍न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो 

बादल


निम्‍न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो 

पुस्‍तक


निम्‍नलिखित समोच्चारित भिन्नार्थक हिंदी शब्द का अर्थ लिखो तथा उन शब्द का अलग-अलग पूर्ण वाक्‍यों में प्रयोग कराे :

ज्‍वार


कविता (सौहार्द-सौमनस्‍य) में प्रयुक्‍त विलोम शब्‍दों की जोड़ियाँ लिखो।


शब्‍द-युग्‍म पूरे करते हुए वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:

प्रचार


निम्‍न वाक्‍यों में से सर्वनाम एवं क्रियाएँ छॉंटकर भेदों सहित लिखिए तथा पाठ्‌यपुस्‍तक से खोजकर नए अन्य वाक्‍य बनाइए:



निम्नलिखित शब्द के युग्म शब्द बताओ और वाक्य में उचित शब्दयुग्म लिखो:

गाँव - ______

अंतरजाल की सुविधा ______ में उपलब्ध है।


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :

मुझे सौ-सौ के नोट देने पड़े क्योंकि दुकानदार के पास दो हजार के नोट के छुट्टे नहीं थे।


हिंदी-मराठी के समानार्थी मुहावरे और कहावतें सुनो और उनका द्विभाषी लघुकोश बनाओ:

जैसे- अधजल गगरी छलकत जाए = उथळ पाण्याला खळखळाट फार.


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

वाह ! क्या बनावट है ताजमहल की !


अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :

यदि बिजली आएगी तो रोशनी होगी।


सूचना, निर्देश, आदेश, अनुरोध, विनती के वाक्य विरामचिह्‌न सहित पढ़ो और समझो :

बगीचे के फल-फूल तोड़ना मना है।


'मै सेवाग्राम ______ में मां जैसी लगती' गद्यांश में क्रिया पर ध्यान दीजिये


अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-

अनेक व्यक्तियों ने प्रदर्शनी देखी।


अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-

तुमने मेरी पुस्तक क्यों नहीं लौटा दी है?


शब्‍द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्‍य में प्रयोग कीजिए:-

आँख


निम्‍न वाक्‍य के उद्देश्य और विधेय पहचानकर लिखिए:-

पिता जी के पास अथाह खजाना था।


निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
ब्रह्मर्षि
______ + ______  

डायरी अंश पढ़िए और वाक्‍य के प्रकार ढूँढ़िए:

१० मई २०१७ (बुधवार)
आज कक्षा में सूचना आई कि इन गर्मियों में हमारे स्कूल की ओर से एक दल शिमला भ्रमण को भेजने की योजना बनी है। मैंने भी अपना नाम उसके लिए दिया। मैं इस यात्रा के लिए उत्सुक हूँ।

२० मई २०१७ (शनिवार)
तीस विद्यार्थियों का दल पी. टी. आई. श्री जयचंद वर्मा जी के साथ रवाना हुआ। रात्रि के साढ़े दस बजे हम दिल्‍ली रेलवे स्टेशन पहुँच गए। गाड़ी ग्यारह बजे चलनी थी। हमने अपने पूर्व निर्धारित स्थान ले लिए। भयंकर गर्मी पड़ रही थी। ग्यारह बजे गाड़ी चल पड़ी। हम अपने-अपने स्थान पर सो गए।

२१ मई २०१७ (रविवार)
प्रातः साढ़े छह बजे गाड़ी कालका स्टेशन पर रुकी। यहाँ से हमें गाड़ी बदलनी थी। शिमला के लिए छह डिब्बों की खिलौने जैसी गाड़ी प्लेटफार्म पर लगी हुई थी। खिलौना गाड़ी के डिब्बे छोटे-छोटे थे और रेलवे लाईन 'नैरो गैज' थी। गाड़ी ठीक साढ़े सात बजे चल पड़ी। गाड़ी की गति पर्याप्त धीमी थी और वह पर्वत की पीठ पर मानो रेंगते हुए चढ़ रही थी। दूर तक घाटियों में फैली हरियाली दिखाई पड़ती थी। करीब साढ़े दस बजे गाड़ी लंबी सुरंग द्वारा बहुत सुंदर फूलों से सजे छोटे-से स्टेशन बड़ौग पर पहुँची जिसे देख राकेश बोला- 'ओह! कितनी लंबी सुरंग?"

२२ मई २०१७ (सोमवार)
दूसरे दिन हम हिमाचल पर्यटन विभाग की बसों में बैठकर कुफरी, वाइल्ड फ्लॉवर हॉल, क्रिग नैनी और नालदेश की यात्रा के लिए गए।

२३ मई २०१७ (मंगलवार)
तीसरे दिन हम जाखू पर्वत पर पिकनिक के लिए गए। शिमला शहर के मध्य रिज से लगभग पंद्रह सौ फुट की ऊँचाई पर स्थित यह चोटी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र है।

२४ मई २०१७
चौथे दिन प्रातः (बुधवार) सात बजे हम वापस चल पड़े। सचमुच ही शिमला पहाड़ों की रानी है।

उपरोक्त डायरी अंश के आधार पर निर्देश-१ के अनुसार वाक्य लिखिए तथा निर्देश-२ के अनुसार परिवर्तित करके लिखिए :- 

क्र. निर्देश-१ वाक्य नि्देश-२
१. सयुंक्त वाक्य बसों में बैठकर कुफरी, क्रिग नैनी और नालदेश की यात्रा के लिए गए। मिश्र वाक्य
२. सरल वाक्य   सयुंक्त वाक्य
३. मिश्र वाक्य   सरल वाक्य 
४. विधानार्थक   निषेधार्थक
५. प्रश्नार्थक   संकेतार्थक
६. विस्मयार्थक   इच्छार्थक
७. आज्ञार्थक   संदेहार्थक

इस निबंध के अंश पढ़कर विदेशी, तत्‍सम, तद्भव शब्‍द समझिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच-पाँच शब्‍द ढूँढ़िए।

कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है।

हिंदी में कुछ शब्‍द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्‍दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्‍द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्‍कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्‍कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्‍दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं।

शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है।

हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्‌धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है।

प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा।

तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे।


‘सौ’ शब्‍द का प्रयोग करके कोई दो कहावतें लिखिए ।


रेखांकित शब्‍द के विलोम शब्‍द लिखकर नए वाक्य बनाइए।

हमें सदैव अपने लिए किए गए कामों के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए ।


नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
   

नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
“.......”    

नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
...    

निम्नलिखित मुहावरे से वाक्य बनाइए।

ईंट से ईंट बजाना


निम्नलिखित वाक्य के लिए एक सटीक मुहावरे का चयन कीजिए।

अपनी दुकान बेचने के सिवाय उसके पास और कोई उपाय नहीं था।


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