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Question
निम्नलिखित मुहावरे/कहावत में से अनुपयुक्त शब्द काटकर उपयुक्त शब्द लिखिए:
टोपी - पहनना - ______ - ______
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Solution
टोपी - पहनना - टोपी पहनाना
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RELATED QUESTIONS
निम्न विरमचिन्ह का नाम लिखकर उनका वाक्य में प्रयोग करो:
‘‘ ’’
निम्नलिखित शब्द का समानार्थी शब्द लिखो तथा उनका वाक्य में प्रयोग करो:
छाती
पाठों में आए सभी प्रकार के सर्वनाम ढूँढ़कर उनका अपने वाक्यों में प्रयोग करो।
निम्न शब्द के पर्यायवाची शब्द लिखिए:

शब्द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्य लिखिए:
वह तटस्थ होकर अपने विचार रखता है।
रेखांकित शब्द से उपसर्ग और प्रत्यय अलग करके लिखिए:
मोह-ममता उन्हें अपने मार्ग से विचलित नहीं कर सकती थी।
नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए
" ........ "
नीचे दिए गए चिन्ह के सामने उनका नाम लिखिए तथा वाक्य में उचित विरामचिह्न लगाइए
,
निम्न वाक्य में कारक रेखांकित कर उनके नाम और चिह्न लिखकर पाठ से अन्य वाक्य खोजकर लिखिए:
श्रीमती भटनागर ने दरवाजे पर फिर से वैसे ही गाड़ी के पहियों के निशान देखे।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
राघव ने चुपचाप घर में प्रवेश किया।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :
जलाशय चॉंदी की भाँति चमचमा रहा था।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
अरे! हम कहॉं आ गए ?
अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :
वाह ! क्या बनावट है ताजमहल की !
अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :
कश्मीर का सौंदर्य देखकर तुम्हें आश्चर्य होगा।
अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :
यदि बिजली आएगी तो रोशनी होगी।
चित्र देखकर विशेषणयुक्त शब्द बताओ और उनका वाक्यों में प्रयोग करो।
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चाह गई चिंता गई मनुआँ बेपरवाह
जाके कछु न चाहिए सोइ सहंसाह। -कबीर
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उचित विरामचिह्न लगाइए:-
होनहार बिरवान के होत चीकने पात
निम्न शब्दों के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
| शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
| मनुष्य | ||||
शब्द के वचन पहचान कर परिवर्तन कीजिए एवं अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए:-
मनुष्य
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
अनुवादित अनूदित ग्रंथ कुटीर
शब्द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-
| विग्रह | शब्द | विलोम |
| उत् + नति | × |
निम्न वाक्य के उद्देश्य और विधेय पहचानकर लिखिए:-
पिता जी के पास अथाह खजाना था।
इस निबंध के अंश पढ़कर विदेशी, तत्सम, तद्भव शब्द समझिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच-पाँच शब्द ढूँढ़िए।
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कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है। हिंदी में कुछ शब्द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं। शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है। हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है। प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा। तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे। |
पाठ्यपुस्तक के पाठ (सच का सौदा) से बीस विशेष शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
निर्देशानुसार काल परिवर्तन कीजिए:

निम्नलिखित मुहावरा, कहावत में गलत शब्द के स्थान पर सही शब्द लिखकर उन्हें पुनः लिखिए:
अब पछताए होत क्या जब बंदर चुग गए खेत।
नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:
| चिह्न | नाम | वाक्य |
| । |

निम्नलिखित वाक्यों में से अशुद्ध वाक्य का चयन कीजिए:








