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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 9th Standard

निम्‍न वाक्‍यों में से सर्वनाम एवं क्रियाएँ छॉंटकर भेदों सहित लिखिए तथा पाठ्‌यपुस्‍तक से खोजकर नए अन्य वाक्‍य बनाइए: चाहे कुछ भी हो जाए, मैं निज व्रत नहीं छोड़ता ।

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Question

निम्‍न वाक्‍यों में से सर्वनाम एवं क्रियाएँ छॉंटकर भेदों सहित लिखिए तथा पाठ्‌यपुस्‍तक से खोजकर नए अन्य वाक्‍य बनाइए:


Chart
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Solution

सर्वनाम

  1. कुछ - अनिश्चयवाचक सर्वनाम
  2. मैं - पुरुषवाचक सर्वनाम
  3. मैं - पुरुषवाचक सर्वनाम
  4. अपना - निजवाचक सर्वनाम
  5. अन्य - पुरुषवाचक सर्वनाम

नए सर्वनाम शब्द और उनसे बने वाक्य

  1. वह - वह राम की पुस्तक है।
  2. कौन - दरवाजे पर कौन आया है ?

क्रिया

  1. हो जाए - संयुक्त क्रिया
  2. जाए - सहायक क्रिया
  3. छोड़ता - सकर्मक क्रिया
  4. करता हूँ - संयुक्त क्रिया
  5. करवाता - द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया

नए क्रिया शब्द और उनसे बने वाक्य

  1.  बुलाना - राम ने सीता को बुलाया।
  2. सोना - सुबह देर तक सोना बुरी आदत है।
shaalaa.com
व्याकरण
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Chapter 1.1: रात का चौकीदार (पूरक पठन) - भाषा बिंदु [Page 36]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Lokbharati Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 1.1 रात का चौकीदार (पूरक पठन)
भाषा बिंदु | Q (१) | Page 36
Balbharati Hindi Kumarbharati Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 1.07 मातृभूमि का मान
स्वाध्याय | Q (१) | Page 32

RELATED QUESTIONS

क्रिया का लिंग और वचन सामान्यतः कर्ता और कर्म के लिंग और वचन के अनुसार निर्धारित होता है। वाक्य में कर्ता और कर्म के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार जब क्रिया के लिंग, वचन आदि में परिवर्तन होता है तो उसे अन्विति कहते हैं।
क्रिया के लिंग, वचन में परिवर्तन तभी होता है जब कर्ता या कर्म परसर्ग रहित हों;
जैसे- सवार कारतूस माँग रहा था। (कर्ता के कारण)
सवार ने कारतूस माँगे। (कर्म के कारण)
कर्नल ने वज़ीर अली को नहीं पहचाना। (यहाँ क्रिया, कर्ता और कर्म किसी के भी कारण प्रभावित नहीं है)

अतः कर्ता और कर्म के परसर्ग सहित होने पर क्रिया कर्ता और कर्म से किसी के भी लिंग और वचन से प्रभावित नहीं होती और वह एकवचन पुल्लिंग में ही प्रयुक्त होती है। नीचे दिए गए वाक्यों में ‘ने’ लगाकर उन्हें दुबारा लिखिए-

  1. घोड़ा पानी पी रहा था।
  2. बच्चे दशहरे का मेला देखने गए।
  3. रॉबिनहुड गरीबों की मदद करता था।
  4. देशभर के लोग उसकी प्रशंसा कर रहे थे।

निम्‍न शब्द का लिंग पहचानकर लिखो 

बादल


निम्‍नलिखित शब्द के आधार पर मुहावरे लिखकर उनका अपने वाक्‍य में प्रयोग करो।

खिचड़ी


शालेय बैंड पथक के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने हेतु अपने विद्‍यालय के प्राचार्य से विद्‌यार्थी प्रतिनिधि के नाते अनुमति माँगते हुए निम्‍न प्रारूप में पत्र लिखो:

दिनांक:
प्रति,

______
______

विषय : ______
संदर्भ : ______

महोदय,
विषय विवेचन

                    ______________________________

                    ______________________________

                    ______________________________

आपका/आपकी आज्ञाकारी,
______________________________
(विद्‍यार्थी प्रतिनिधि)
कक्षा : ______


निम्‍न शब्‍द के पर्यायवाची शब्‍द लिखिए:


शब्‍द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्‍य लिखिए:

वह तटस्थ होकर अपने विचार रखता है।


निम्न वाक्‍य में कारक रेखांकित कर उनके नाम और चिह्न लिखकर पाठ से अन्य वाक्‍य खोजकर लिखिए:

उस सी.डी. को तुरंत सुनने की व्यवस्‍था की गई।


निम्न संधि का विग्रह कर उसका प्रकार लिखिए:

हमारी मंजिल थी सूर्यास्‍त केंद्र बिंदु।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

कश्मीर में कई दर्शनीय स्थल देखने योग्य है।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए :

तुमने मीट्टी से का प्यार।


निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:

आओ सिंहासन में बैठो।


निम्नलिखित मुहावरा/कहावत में से अनुपयुक्त शब्द काटकर उपयुक्त शब्द लिखिए:

कमर बंद करना - .......... .......... ..........


उचित विराम चिह्न लगाओ:

कामायनी महाकाव्य कवि जयशंकर प्रसाद


निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :

जन्म के बाद एक मामी जी ने मुझे गोद ले लिया।


हिंदी-मराठी के समानार्थी मुहावरे और कहावतें सुनो और उनका द्विभाषी लघुकोश बनाओ:

जैसे- अधजल गगरी छलकत जाए = उथळ पाण्याला खळखळाट फार.


दिए गए शब्द कार्ड देखो पढ़ो और उनकी सहायता से सरल, मिश्र तथा संयुक्त वाक्य बनाकर कक्षा में सुनाओ। ( एक शब्द कार्ड का प्रयोग अनेक बार कर सकते हैं।)

रहा       घर       यह       सड़क       पानी       और
                     
राष्ट्रीय   बाईं   उदाहरण   का   बरसना   के
                     
ओर   वहीं   दाईं   भारत   जी   है
                     
एकात्मता   हैं   कुआँ   उत्तम   देश   की

चित्र देखकर उचित सर्वनाम में लिखो :

(तू, मैं, वह, यह, क्या, जैसा-वैसा, अपने-आप) 


सूचना, निर्देश, आदेश, अनुरोध, विनती के वाक्य विरामचिह्‌न सहित पढ़ो और समझो :

‘चंदामामा’ बालपत्रिका पढ़ो।


सूचना, निर्देश, आदेश, अनुरोध, विनती के वाक्य विरामचिह्‌न सहित पढ़ो और समझो :

अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें।


पेड़ के पत्तों पर दिए गए वर्णों से संयुक्ताक्षरयुक्त शब्द बनाओ :

(आधे हाेकर, पाई हटाकर, हल लगाकर, ‘र’ के प्रकार )

(क, फ, ग, त, थ, घ, ष, व, द, म, ह, ठ, ड, ट, प, र)


चित्र देखकर विशेषणयुक्त शब्द बताओ और उनका वाक्यों में प्रयोग करो।

______
______
______
______
______
______
______
______

विरामचिह्न रहित अनुच्छेद में विरामचिह्न लगाओ।

(,, !, ।, ?, -, – , ‘ ’ , ‘‘ ’’)

काबुलीवाले ने पूछा बिटिया अब कौन सी चूड़ियॉं चाहिए मैंने अपनी गुड़िया दिखाकर कहा मेरी गुड़िया के लिए अच्छी सी चूड़ियॉं दे दो जैसे लाल नीली पीली (यह अनुच्छेद काबुलीवाला कहानी से है।)


उत्तर लिखिए :

द्वितीय तथा चतुर्थ चरण
की मात्राएँ _____ हैं।
← नित नूतन मंगल पुरमाही।
निमिष सरिसदिन-जामिनि जाहीं।।
बड़े भोर भूपति मणिजागे।
जाचक गुनगन गावन लागे।।
→ यह ____ छंद है।

अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-

तुमने मेरी पुस्तक क्यों नहीं लौटा दी है?


निम्‍न वाक्‍य के उद्देश्य और विधेय पहचानकर लिखिए:-

गायन में अलाप और तानों का महत्‍त्‍व होता है।


निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:

संधि संधि विच्छेद संधि का प्रकार
उपर्युक्त ______ + ______  

कहीं, इस सर्वनाम का उपयोग करके अर्थपूर्ण वाक्‍य तैयार कीजिए।


प्रत्यययुक्त शब्‍द लिखिए।


वचन बदलिए।

कठिनाइयाँ = ______


वचन बदलिए।

एक = ______


इस निबंध के अंश पढ़कर विदेशी, तत्‍सम, तद्भव शब्‍द समझिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच-पाँच शब्‍द ढूँढ़िए।

कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है।

हिंदी में कुछ शब्‍द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्‍दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्‍द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्‍कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्‍कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्‍दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं।

शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है।

हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्‌धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है।

प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा।

तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे।


कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है।

हिंदी में कुछ शब्‍द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्‍दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्‍द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्‍कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्‍कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्‍दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं।

शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है।

हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्‌धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है।

प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा।

तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे।

उपर्युक्‍त अंश से पंद्रह शब्‍द ढूँढ़िए उनमें प्रत्‍यय लगाकर शब्‍दों को पुनः लिखिए।


विज्ञापन पढ़िए और शब्‍द युग्‍म ढूँढ़कर लिखिए:

खुश खबर ! खुश खबर !! खुश खबर !!!
हस्‍तकला वस्‍तुओं की प्रदर्शनी

भारत के विविध राज्‍यों में हाथों से बनाई गई वस्‍तुओं की
भव्य प्रदर्शनी आपके शहर में !

कालावधि: २० अक्‍तूबर २०१७ से ३० अक्‍तूबर २०१७
समय: सुबह ११:०० से रात ९:०० तक
स्‍थान: गणेश कला क्रीड़ा मंदिर, पुणे

खरीदारी पर आकर्षक छूट !

साथ-ही-साथ विविध राज्‍यों के खाद्य व्यंजनों के ठेले

(स्‍टॉल्‍स्‌) (गाँव-शहर के छोटे-बड़े, बाल-वृद्‌ध, महिला-पुरुष सभी
घूमते-फिरते, हँसते-हँसते, खान-पान का स्‍वाद ले सकते हैं।)

प्रवेशः निःशुल्क


रेखांकित शब्‍द के विलोम शब्‍द लिखकर नए वाक्य बनाइए।

दुकानदार रमा का परिचित था ।


रेखांकित शब्‍द के विलोम शब्‍द लिखकर नए वाक्य बनाइए।

पूर्व दिशा में सूर्योदय होता है।


रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्‍द से कीजिए और नया वाक्‍य बनाइए:

______ किसी ने ______ के हिंडोले से पुकारा।


रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्‍द से कीजिए और नया वाक्‍य बनाइए:

मैं ______ बुलाए भी कहीं जा पहुँचता हूँ।


नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:

चिह्न नाम वाक्य
“.......”    

निम्नलिखित वाक्यों में से शुद्ध वाक्य का चयन कीजिए:


निम्नलिखित मुहावरे को शुद्ध कीजिए।

घाट-घाट का खाना खाना


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