English

∆PQR में, ∠P = 70° और ∠R = 30° है। इस त्रिभुज की कौन-सी भुजा सबसे लंबी है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।

Advertisements
Advertisements

Question

∆PQR में, ∠P = 70° और ∠R = 30° है। इस त्रिभुज की कौन-सी भुजा सबसे लंबी है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए। 

Give Reasons
Sum
Advertisements

Solution

दिया गया है, ΔPQR में, ∠P = 70° और ∠R = 30° है।

हम जानते हैं कि, त्रिभुज के सभी कोणों का योग 180° होता है।

∠P + ∠Q + ∠R = 180°

∠Q = 180° – (70° + 30°)

= 80°

हम जानते हैं कि यहाँ ∠Q सबसे लंबा है, इसलिए भुजा PR सबसे लंबी है  ...[∴ क्योंकि त्रिभुज में, सबसे बड़े कोण की विपरीत भुजा सबसे लंबी होती है।]

shaalaa.com
त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए कुछ और कसौटियाँ
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 7: त्रिभुज - प्रश्नावली 7.2 [Page 65]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Ganit Exemplar [Hindi] Class 9
Chapter 7 त्रिभुज
प्रश्नावली 7.2 | Q 8. | Page 65

RELATED QUESTIONS

AD एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC का एक शीर्षलम्ब है, जिसमें AB = AC है। दर्शाइए कि:

  1. AD रेखाखंड BC को समद्विभाजित करता है।
  2. AD कोण A को समद्विभाजित करता है।

एक त्रिभुज ABC की दो भुजाएँ AB और BC तथा माध्यिका AM क्रमशः एक दूसरे त्रिभुज की भुजाओं PQ और QR तथा माध्यिका PN के बराबर है (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि:
  1. ∆ABM ≅ ∆PQN
  2. ∆ABC ≅ ∆PQR


BE और CF एक त्रिभुज ABC के दो बराबर शीर्षलम्ब हैं। RHS सर्वांगसमता नियम का प्रयोग करके सिद्ध कीजिए कि ΔABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।

ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें AB = AC है। AP ⊥ BC खींच कर दर्शाइए कि ∠B = ∠C है।


“यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाएँ और एक कोण दूसरे त्रिभुज की दो भुजाओं और एक कोण के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज अवश्य ही सर्वांगसम होने चाहिए।” क्या यह कथन सत्य है? क्यों?


क्या भुजाओं की लंबाइयाँ 4 cm, 3 cm और 7 cm लेकर किसी त्रिभुज की रचना की जा सकती है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।


∆ABC ≅ ∆RPQ दिया हुआ है। क्या यह कहना सत्य है कि BC = QR है? क्यों?


M किसी त्रिभुज ABC की भुजा BC पर स्थित एक बिंदु ऐसा है कि AM कोण BAC का समद्विभाजक है। क्या यह कहना सत्य है कि त्रिभुज का परिमाप 2 AM से अधिक है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।


AB = AC वाले एक समद्विबाहु त्रिभुज के कोणों B और C के समद्विभाजक परस्पर O पर प्रतिच्छेद करते हैं। दर्शाइए कि ∠ABC के आसन्न एक बहिष्कोण ∠BOC के बराबर हैं।


एक समतल दर्पण LM के सम्मुख स्थित बिंदु A पर रखी किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब एक प्रेक्षक D से बिंदु B पर देखता है, जैसा कि निम्नलिखित आकृति में दर्शाया गया है। सिद्ध कीजिए कि यह प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर है जितनी दूरी पर वह वस्तु दर्पण के सम्मुख है।

[संकेत : CN दर्पण पर अभिलंब है। साथ ही, आपतन कोण = परावर्तन कोण।]


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×