Advertisements
Advertisements
Question
पद्य खंड पर आधारित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए :
'आत्मत्राण' कविता की कौन-सी दो बातें आपको बहुत प्रेरित करती हैं और क्यों? अपने शब्दों में लिखिए।
Advertisements
Solution
- आत्म-शक्ति की महत्ता: कविता में कवि ने आत्म-शक्ति और आत्म-निर्भरता पर बल दिया है। कवि ईश्वर से यह प्रार्थना नहीं करते कि वह उन्हें कष्टों से मुक्त करे, बल्कि वह यह चाहते हैं कि उन्हें ऐसी शक्ति प्रदान की जाए जिससे वह स्वयं अपने कष्टों का सामना कर सकें। यह दृष्टिकोण मुझे इसलिए प्रेरित करता है क्योंकि यह हमें सिखाता है कि जीवन में समस्याएँ और चुनौतियाँ निश्चित हैं, लेकिन हमारे पास उनका सामना करने की आंतरिक शक्ति होनी चाहिए।
- दुःखों का सामना करने का साहस: कविता में कवि दुःख और कष्टों को जीवन का एक अभिन्न हिस्सा मानते हुए, उनका सामना करने की शक्ति की कामना करते हैं। उनका कहना है कि वे चाहते हैं कि वे दुःखों को सदैव जीत सकें और कभी भी उनके सामने हार न मानें। यह विचार मुझे इसलिए प्रेरित करता है क्योंकि यह हमें यह सिखाता है कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन उनका सामना करने का साहस और दृढ़ता हमें विजयी बनाती है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
कवि किससे और क्या प्रार्थना कर रहा है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
अंत में कवि क्या अनुनय करता है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
'आत्मत्राण' शीर्षक की सार्थकता कविता के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए आप प्रार्थना के अतिरिक्त और क्या-क्या प्रयास करते हैं? लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
क्या कवि की यह प्रार्थना आपको अन्य प्रार्थना गीतों से अलग लगती है? यदि हाँ, तो कैसे?
रवींद्रनाथ ठाकुर ने अनेक गीतों की रचना की है। उनके गीत-संग्रह में से दो गीत छाँटिए और कक्षा में कविता-पाठ कीजिए।
रवींद्रनाथ ठाकुर को नोबेल पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय होने का गौरव प्राप्त है। उनके विषय में और जानकारी एकत्र कर परियोजना पुस्तिका में लिखिए।
रवींद्रनाथ ठाकुर की ‘गीतांजलि’ को पुस्तकालय से लेकर पढ़िए।
रवींद्रनाथ ठाकुर ने कलकत्ता (कोलकाता) के निकट एक शिक्षण संस्थान की स्थापना की थी। पुस्तकालय की मदद से उसके विषय में जानकारी एकत्रित कीजिए।
रवींद्रनाथ ठाकुर ने अनेक गीत लिखे, जिन्हें आज भी गाया जाता है और उसे रवींद्र संगीत कहा जाता है। यदि संभव हो तो रवींद्र संगीत संबंधी कैसेट व सी.डी. सुनिए।
‘दुख’ के संबंध में हमारी प्रार्थना और कवि की प्रार्थना में क्या अंतर है?
‘सुख के दिन’ के संबंध में जन सामान्य और कवि के दृष्टिकोण में अंतर स्पष्ट कीजिए।
‘आत्मत्राण’ कविता में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।
'तव मुख पहचानूँ छिन-छिन में' का भाव है -
'आत्मत्राण' कविता में कवि किससे छुटकारा प्राप्त करना चाहता है?
'आत्मत्राण' कविता में कवि अपने व्यथित चित्त के लिए ईश्वर से क्या माँगता है?
