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Question
पाठ में आए किन प्रसंगों के आधर पर आप कह सकते हैं कि -
वे वास्तविक अर्थों में एक सच्चे इनसान थे।
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Solution
उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ एक सच्चे और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। वे धर्म से बढ़कर मानवता को सर्वोपरि मानते थे और हिंदू तथा मुस्लिम दोनों धर्मों का समान रूप से आदर करते थे। भारत रत्न जैसी सर्वोच्च सम्मान मिलने के बावजूद उनके व्यवहार में कोई अहंकार नहीं आया। उनके लिए धन-दौलत से अधिक महत्व हमेशा अपने सुर और संगीत की शुद्धता का था।
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