English

रीड क्या है? शहनाई के लिए इसकी क्या उपयोगिता है?

Advertisements
Advertisements

Question

रीड क्या है? शहनाई के लिए इसकी क्या उपयोगिता है?

One Line Answer
Advertisements

Solution

रीड, एक प्रकार की घास ‘नरकट’ से बनाई जाती है। यह बिहार के डुमराँव में सोन नदी के किनारे पाई जाती है। रीड अंदर से पोली खोखली होती है। इसी के सहारे शहनाई में हवा फेंकी जाती है। इसी की मदद से शहनाई बजती है। यदि रीड न हो तो शहनाई बजना कठिन हो जाएगा।

shaalaa.com
नौबतखाने में इबादत
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

शहनाई की दुनिया में डुमराँव को क्यों याद किया जाता है?


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

बिस्मिल्ला खाँ को लेखक 'मंगल ध्वनि का नायक' क्यों कहता है?


आशय स्पष्ट कीजिए -

‘मेरे मालिक सुर बख्श दे। सुर में वह तासीर पैदा कर कि आँखों से सच्चे मोती की तरह अनगढ़ आँसू निकल आएँ।’


काशी में हो रहे कौन-से परिवर्तन बिस्मिल्ला खाँ को व्यथित करते थे?


पाठ में आए किन प्रसंगों के आधर पर आप कह सकते हैं कि -

बिस्मिल्ला खाँ मिली-जुली संस्कृति के प्रतीक थे।


इतिहास में शहनाई का उल्लेख किस तरह मिलता है?


बिस्मिल्ला खाँ की तुलना कस्तूरी मृग से क्यों की गई है?


बिस्मिल्ला खाँ फ़िल्म देखने के अपने शौक को किस तरह पूरा किया करते थे?


उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ काशी विश्वनाथ जी के प्रति अपार श्रद्धा रखते हैं, स्पष्ट कीजिए।


‘नौबतखाने में इबादत’ नामक पाठ में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।


मंगलध्वनि किसे कहते हैं?


शहनाई और डुमराँव एक-दूसरे के लिए उपयोगी क्यों हैं?


भारत रत्न बिस्मिल्ला खाँ पर 'सादा जीवन उच्च विचार' वाली कहावत चरितार्थ होती है, कैसे?


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

'मंगलध्वनि' का क्या अभिप्राय है?


'भारत रत्न' जैसे पुरस्कार से सम्मानित किए जाने का कारण बिस्मिल्ला खाँ की दृष्टि में था -


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

बिस्मिल्ला खाँ 'मालिक' से कौन-सी दुआ माँगते थे? इससे उनके व्यक्तित्व का कौन-सा पहलू सामने उभरता है?


शहनाई के विषय में 'नौबत खाने में इबादत' पाठ के आधार पर निम्नलिखित में कौन-सी बात असत्य है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×