Advertisements
Advertisements
Question
काशी में हो रहे कौन-से परिवर्तन बिस्मिल्ला खाँ को व्यथित करते थे?
Advertisements
Solution
काशी की कई पुरानी परंपराएँ अब धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही हैं। संगीत, साहित्य और अदब की समृद्ध परंपरा में भी पहले जैसी चमक और निरंतरता नहीं रही। साथ ही वहाँ धार्मिक प्रतिष्ठा में भी गिरावट देखने को मिल रही है। हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच पहले जैसा आपसी सौहार्द भी अब कम होता जा रहा है। पहले काशी अपने स्वादिष्ट खानपान के लिए बहुत प्रसिद्ध थी, लेकिन अब उसमें भी काफी बदलाव आ चुका है। इन सभी परंपराओं के धीरे-धीरे लुप्त होने से उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ अत्यंत दुखी रहते थे।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
बिस्मिल्ला खाँ को लेखक 'मंगल ध्वनि का नायक' क्यों कहता है?
सुषिर-वाद्यों से क्या अभिप्राय है?
आशय स्पष्ट कीजिए -
‘फटा सुर न बख्शें। लुंगिया का क्या है, आज फटी है, तो कल सी जाएगी।’
बिस्मिल्ला खाँ के व्यक्तित्व की कौन-कौन सी विशेषताओं ने आपको प्रभावित किया?
रीड क्या है? शहनाई के लिए इसकी क्या उपयोगिता है?
बिस्मिल्ला खाँ बालाजी मंदिर क्यों जाया करते थे? वे किस रास्ते से मंदिर जाया करते थे?
इतिहास में शहनाई का उल्लेख किस तरह मिलता है?
बिस्मिल्ला खाँ की तुलना कस्तूरी मृग से क्यों की गई है?
उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ काशी विश्वनाथ जी के प्रति अपार श्रद्धा रखते हैं, स्पष्ट कीजिए।
उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ काशी छोड़कर अन्यत्र क्यों नहीं जाना चाहते हैं?
आज के युवाओं को बिस्मिल्ला के चरित्र से क्या सीख लेनी चाहिए?
‘नौबतखाने में इबादत’ नामक पाठ में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।
मंगलध्वनि किसे कहते हैं?
भारत रत्न बिस्मिल्ला खाँ पर 'सादा जीवन उच्च विचार' वाली कहावत चरितार्थ होती है, कैसे?
'भारत रत्न' जैसे पुरस्कार से सम्मानित किए जाने का कारण बिस्मिल्ला खाँ की दृष्टि में था -
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
बिस्मिल्ला खाँ 'मालिक' से कौन-सी दुआ माँगते थे? इससे उनके व्यक्तित्व का कौन-सा पहलू सामने उभरता है?
शहनाई के विषय में 'नौबत खाने में इबादत' पाठ के आधार पर निम्नलिखित में कौन-सी बात असत्य है?
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
काशी में किस प्रकार के परिवर्तन हो रहे थे और उन परिवर्तनों पर बिस्मिल्ला खाँ क्या सोचते थे?
