English

उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ काशी छोड़कर अन्यत्र क्यों नहीं जाना चाहते हैं? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

Question

उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ काशी छोड़कर अन्यत्र क्यों नहीं जाना चाहते हैं?

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ काशी से असीम लगाव रखते हैं। बाबा विश्वनाथ और बालाजी में उनकी गहन आस्था है। उनके पूर्वजों ने काशी में रहकर शहनाई बजाई । बिस्मिल्ला खाँ काशी में ही रहकर शहनाई बजाना सीखा और संस्कार अर्जित किए। उनके नाना और मामा का जुड़ाव भी काशी से रहा है, इसलिए वे कोशी छोड़कर अन्यत्र नहीं जाना चाहते हैं।

shaalaa.com
नौबतखाने में इबादत
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

बिस्मिल्ला खाँ को लेखक 'मंगल ध्वनि का नायक' क्यों कहता है?


काशी में हो रहे कौन-से परिवर्तन बिस्मिल्ला खाँ को व्यथित करते थे?


पाठ में आए किन प्रसंगों के आधर पर आप कह सकते हैं कि -

बिस्मिल्ला खाँ मिली-जुली संस्कृति के प्रतीक थे।


पाठ में आए किन प्रसंगों के आधर पर आप कह सकते हैं कि -

वे वास्तविक अर्थों में एक सच्चे इनसान थे।


मुहर्रम से बिस्मिल्ला खाँ के जुड़ाव को अपने शब्दों में लिखिए।


बिस्मिल्ला खाँ कला के अनन्य उपासक थे, तर्क सहित उत्तर दीजिए।


इतिहास में शहनाई का उल्लेख किस तरह मिलता है?


बिस्मिल्ला खाँ अपने खुदा से सजदे में क्या माँगते हैं? इससे उनके व्यक्तित्व की किस विशेषता का पता चलता है?


बिस्मिल्ला खाँ अपनी जवानी के दिनों की किन यादों में खो जाते हैं?


उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ काशी विश्वनाथ जी के प्रति अपार श्रद्धा रखते हैं, स्पष्ट कीजिए।


आज के युवाओं को बिस्मिल्ला के चरित्र से क्या सीख लेनी चाहिए?


मंगलध्वनि किसे कहते हैं?


शहनाई और डुमराँव एक-दूसरे के लिए उपयोगी क्यों हैं?


'क्षितिज' के गद्य पाठों के आधार निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्न का सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए -

अमीरउद्दीन को रसूलनबाई और बातूलनबाई के घरवाला रास्ता क्यों पसंद था?


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

'मंगलध्वनि' का क्या अभिप्राय है?


'भारत रत्न' जैसे पुरस्कार से सम्मानित किए जाने का कारण बिस्मिल्ला खाँ की दृष्टि में था -


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×