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आशय स्पष्ट कीजिए - 'फटा सुर न बख्शें। लुंगिया का क्या है, आज फटी है, तो कल सी जाएगी।' - Hindi Course - A

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Question

आशय स्पष्ट कीजिए -

'फटा सुर न बख्शें। लुंगिया का क्या है, आज फटी है, तो कल सी जाएगी।'

Short/Brief Note
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Solution

यहाँ बिस्मिल्ला खाँ ने सुर तथा कपड़े में तुलना कर सुर को अधिक मूल्यवान कहा है। क्योंकि कपड़ा यदि एक बार फट जाए तो दुबारा सिल देने से ठीक हो सकता है। परन्तु किसी का फटा हुआ सुर कभी ठीक नहीं हो सकता है। इसलिए वह यह प्रार्थना करते हैं कि ईश्वर उन्हें अच्छा कपड़ा अर्थात् धन-दौलत दें या न दें लेकिन अच्छा सुर अवश्य दें।

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नौबतखाने में इबादत
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Chapter 16: यतींद्र मिश्र - नौबतखाने में इबादत - प्रश्न-अभ्यास [Page 122]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
Chapter 16 यतींद्र मिश्र - नौबतखाने में इबादत
प्रश्न-अभ्यास | Q 4.1 | Page 122

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