English

इतिहास में शहनाई का उल्लेख किस तरह मिलता है?

Advertisements
Advertisements

Question

इतिहास में शहनाई का उल्लेख किस तरह मिलता है?

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

वैदिक इतिहास में शहनाई का कोई उल्लेख नहीं मिलता है। संगीत शास्त्रों में इसे सुषिर वाद्य के रूप में गिना जाता है। अरब देश में नरकट या रीड वाले वाद्य यंत्रों को नये कहा जाता है। शहनाई को सुषिर वाद्यों में शाह की उपाधि प्रदान की गई है। सोलहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में तानसेन द्वारा रचित बंदिश में शहनाई आदि का उल्लेख मिलता है।

shaalaa.com
नौबतखाने में इबादत
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

शहनाई की दुनिया में डुमराँव को क्यों याद किया जाता है?


सुषिर-वाद्यों से क्या अभिप्राय है?


आशय स्पष्ट कीजिए -

‘मेरे मालिक सुर बख्श दे। सुर में वह तासीर पैदा कर कि आँखों से सच्चे मोती की तरह अनगढ़ आँसू निकल आएँ।’


पाठ में आए किन प्रसंगों के आधर पर आप कह सकते हैं कि -

बिस्मिल्ला खाँ मिली-जुली संस्कृति के प्रतीक थे।


पाठ में आए किन प्रसंगों के आधर पर आप कह सकते हैं कि -

वे वास्तविक अर्थों में एक सच्चे इनसान थे।


बिस्मिल्ला खाँ के जीवन से जुड़ी उन घटनाओं और व्यक्तियों का उल्लेख करें जिन्होंने उनकी संगीत साधना को समृद्ध किया?


बिस्मिल्ला खाँ के व्यक्तित्व की कौन-कौन सी विशेषताओं ने आपको प्रभावित किया?


बिस्मिल्ला खाँ की तुलना कस्तूरी मृग से क्यों की गई है?


आज के युवाओं को बिस्मिल्ला के चरित्र से क्या सीख लेनी चाहिए?


‘नौबतखाने में इबादत’ नामक पाठ में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।


मंगलध्वनि किसे कहते हैं?


शहनाई और डुमराँव एक-दूसरे के लिए उपयोगी क्यों हैं?


'भारत रत्न' जैसे पुरस्कार से सम्मानित किए जाने का कारण बिस्मिल्ला खाँ की दृष्टि में था -


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

बिस्मिल्ला खाँ 'मालिक' से कौन-सी दुआ माँगते थे? इससे उनके व्यक्तित्व का कौन-सा पहलू सामने उभरता है?


शहनाई के विषय में 'नौबत खाने में इबादत' पाठ के आधार पर निम्नलिखित में कौन-सी बात असत्य है?


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

काशी में किस प्रकार के परिवर्तन हो रहे थे और उन परिवर्तनों पर बिस्मिल्ला खाँ क्या सोचते थे?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×