Advertisements
Advertisements
प्रश्न
उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ काशी छोड़कर अन्यत्र क्यों नहीं जाना चाहते हैं?
Advertisements
उत्तर
उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ काशी से असीम लगाव रखते हैं। बाबा विश्वनाथ और बालाजी में उनकी गहन आस्था है। उनके पूर्वजों ने काशी में रहकर शहनाई बजाई । बिस्मिल्ला खाँ काशी में ही रहकर शहनाई बजाना सीखा और संस्कार अर्जित किए। उनके नाना और मामा का जुड़ाव भी काशी से रहा है, इसलिए वे कोशी छोड़कर अन्यत्र नहीं जाना चाहते हैं।
संबंधित प्रश्न
शहनाई की दुनिया में डुमराँव को क्यों याद किया जाता है?
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
बिस्मिल्ला खाँ को लेखक 'मंगल ध्वनि का नायक' क्यों कहता है?
आशय स्पष्ट कीजिए -
'फटा सुर न बख्शें। लुंगिया का क्या है, आज फटी है, तो कल सी जाएगी।'
काशी में हो रहे कौन-से परिवर्तन बिस्मिल्ला खाँ को व्यथित करते थे?
मुहर्रम से बिस्मिल्ला खाँ के जुड़ाव को अपने शब्दों में लिखिए।
अमीरुद्दीन के मामा की दिनचर्या की शुरुआत कैसे होती थी?
रीड क्या है? शहनाई के लिए इसकी क्या उपयोगिता है?
बिस्मिल्ला खाँ की तुलना कस्तूरी मृग से क्यों की गई है?
बिस्मिल्ला खाँ अपनी जवानी के दिनों की किन यादों में खो जाते हैं?
‘नौबतखाने में इबादत’ नामक पाठ में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।
शहनाई और डुमराँव एक-दूसरे के लिए उपयोगी क्यों हैं?
भारत रत्न बिस्मिल्ला खाँ पर 'सादा जीवन उच्च विचार' वाली कहावत चरितार्थ होती है, कैसे?
'क्षितिज' के गद्य पाठों के आधार निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्न का सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए -
अमीरउद्दीन को रसूलनबाई और बातूलनबाई के घरवाला रास्ता क्यों पसंद था?
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
बिस्मिल्ला खाँ 'मालिक' से कौन-सी दुआ माँगते थे? इससे उनके व्यक्तित्व का कौन-सा पहलू सामने उभरता है?
