Advertisements
Advertisements
प्रश्न
बिस्मिल्ला खाँ फ़िल्म देखने के अपने शौक को किस तरह पूरा किया करते थे?
Advertisements
उत्तर
बिस्मिल्ला खाँ फ़िल्म देखने के जुनूनी थे। उस समय थर्ड क्लास का टिकट छह पैसे का मिलता था। वे दो पैसे मामू से, दो पैसे मौसी से और दो पैसे नानी से लेते थे और घंटों लाइन में लगकर टिकट हासिल किया करते थे। वे सुलोचना की। नई फ़िल्म सिनेमाहाल में आते ही बालाजी मंदिर पर शहनाई बजाने से होने वाली आमदनी लेकर फ़िल्म देखने चल पड़ते थे।
संबंधित प्रश्न
शहनाई की दुनिया में डुमराँव को क्यों याद किया जाता है?
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
बिस्मिल्ला खाँ को लेखक 'मंगल ध्वनि का नायक' क्यों कहता है?
सुषिर-वाद्यों से क्या अभिप्राय है?
आशय स्पष्ट कीजिए -
‘फटा सुर न बख्शें। लुंगिया का क्या है, आज फटी है, तो कल सी जाएगी।’
बिस्मिल्ला खाँ के व्यक्तित्व की कौन-कौन सी विशेषताओं ने आपको प्रभावित किया?
मुहर्रम से बिस्मिल्ला खाँ के जुड़ाव को अपने शब्दों में लिखिए।
बिस्मिल्ला खाँ कला के अनन्य उपासक थे, तर्क सहित उत्तर दीजिए।
अमीरुद्दीन के मामा की दिनचर्या की शुरुआत कैसे होती थी?
बिस्मिल्ला खाँ अपने खुदा से सजदे में क्या माँगते हैं? इससे उनके व्यक्तित्व की किस विशेषता का पता चलता है?
बिस्मिल्ला खाँ की तुलना कस्तूरी मृग से क्यों की गई है?
बिस्मिल्ला खाँ अपनी जवानी के दिनों की किन यादों में खो जाते हैं?
उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ काशी विश्वनाथ जी के प्रति अपार श्रद्धा रखते हैं, स्पष्ट कीजिए।
शहनाई और डुमराँव एक-दूसरे के लिए उपयोगी क्यों हैं?
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'मंगलध्वनि' का क्या अभिप्राय है?
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
बिस्मिल्ला खाँ 'मालिक' से कौन-सी दुआ माँगते थे? इससे उनके व्यक्तित्व का कौन-सा पहलू सामने उभरता है?
शहनाई के विषय में 'नौबत खाने में इबादत' पाठ के आधार पर निम्नलिखित में कौन-सी बात असत्य है?
