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Question
“पारो बुआ, पारो बुआ इनका नाम है... उसे भी मनोकामना का पीला-लाल धागा और उसमें पड़ी गिठान का मधुर स्मरण हो आया।” कथन के आधार पर कहानी के संकेतपूर्ण आशय पर टिप्पणी लिखिए।
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Solution
जब लड़की के भाई के बेटे ने उसे पारो कहकर पुकारा, तो संभव को देवदास की पारो की याद आ गई। उसे याद आया कि कहानी में देवदास की प्रेमिका का नाम पारो था, और अब उसकी अपनी प्रेमिका का नाम भी पारो था। अपनी पारो के साथ रहने की चाह में संभव मनसा देवी मंदिर गया, प्रतिज्ञा के रूप में धागा बांधा और पारो से मिलने की प्रार्थना की। वह उस लड़के की सुखद यादों के साथ मंदिर से लौटा। संभव को चुपके से पारो से प्यार हो गया था। वह उसका नाम जानना चाहता था, और जब उसके भतीजे ने उसे "पारो बुआ" कहकर पुकारा, तो संभव को आखिरकार उसका नाम पता चल गया।
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