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‘गंगापुत्र के लिए गंगा मैया ही जीविका और जीवन है’ - इस कथन के आधार पर गंगा पुत्रों के जीवन-परिवेश की चर्चा कीजिए।

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Question

‘गंगापुत्र के लिए गंगा मैया ही जीविका और जीवन है’ - इस कथन के आधार पर गंगा पुत्रों के जीवन-परिवेश की चर्चा कीजिए।
Long Answer
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Solution

भक्तों द्वारा अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए दीपक गंगा की धारा में प्रवाहित किए जाते हैं। इन दीपों में फूलों के साथ-साथ सिक्के भी रखकर जल में बहाए जाते हैं। स्थानीय तैराक, जिन्हें लेखिका ने ‘गंगापुत्र’ कहा है, उन दोनों से पैसे निकालकर अपनी आजीविका चलाते हैं। कभी-कभी उन्हें जोखिम का सामना भी करना पड़ता है, फिर भी वे निडर होकर यही कार्य करते रहते हैं, क्योंकि इसी से उनके परिवार का पालन-पोषण होता है। लेखिका के अनुसार ‘गंगापुत्र’ के लिए गंगा मैया ही जीविका और जीवन का आधार है। वे दोनों में डाले गए सिक्के एकत्र करते हैं और उनकी पत्नियाँ कुशाघाट पर उन पैसों से बंधे रुपये बनाकर आजीविका अर्जित करती हैं।

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दूसरा देवदास
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Chapter 2.07: ममता कालिया (दूसरा देवदास) - प्रश्न-अभ्यास [Page 127]

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NCERT Hindi Antara Bhag 2 [English] Class 12
Chapter 2.07 ममता कालिया (दूसरा देवदास)
प्रश्न-अभ्यास | Q 2. | Page 127

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